एमडी ड्रग्स प्रकरण के चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल रवाना
डीआरआई के दल ने नवसारी परिसर में की थी कार्रवाई

अमरावती/दि.3 – नागपुर के डीआरआई के दल ने अमरावती शहर में मादक पदार्थ तस्करी के बडे रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 4 किलो 900 ग्राम एमडी रविवार 1 फरवरी को नवसारी परिसर में बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. सोमवार को इन चारों आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश कर न्यायीक हिरासत में जेल रवाना कर दिया हैं.
बता दें कि नागपुर डीआरआई के तीन दल गौरव मेश्राम के नेतृत्व में शनिवार 31 जनवरी को ही अमरावती पहुंच गए थे. उन्हें गोपनिय जानकारी मिली थी कि रविवार को अमरावती में मेफेड्रॉन (एमडी) की बडी डील होनेवाली हैं. इस जानकारी के आधार पर डीआरआई के दल ने रविवार को दोपहर में नवसारी परिसर के एक ढाबे पर जाल बिछाकर तीन लोगों को कब्जे में लेकर वाहन से 4 किलो 900 ग्राम एमडी जब्त की थी. जिसकी वैश्विक बाजार में किंमत 7 करोड 35 लाख रुपए है. आरोपियों को कब्जे में लेने के बाद डीआरआई का दल उन्हें नवसारी परिसर के ही जीएसटी भवन ले आया था. पश्चात एक ओर आरोपी को कब्जे में लिया गया था. 10 घंटे तक इन आरोपियों की गहन पूछताछ के बाद सोमवार 2 फरवरी को डीआरआई के दल ने चारों आरोपियों को अमरावती जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया. अदालत ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए. डीआरआई के दल ने इस दौरान पुलिस कस्टडी की मांग नहीं की. गिरफ्तार चारों आरोपियों के नाम चांदूर बाजार निवासी अवेज अहमद आरीफ अहमद , अमरावती के गुलीस्ता नगर निवासी फैजल खान अंसार खान, मुस्तकीम खान अब्दुल ताहीर खान, शेख परवेज शेख नजीर हैं. इन चारों आरोपियों को अमरावती न्यायालय ने पेश किए जाने से पूर्व ही नागपुर से अमरावती पहुंचे डीआरआई के वकिल एड. नावकर ने न्यायालय में अपना पक्षा रखा. हालांकि पुलिस रिमांड की मांग न करते हुए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया. सूत्रों के मुताबिक इन चारों आरोपियों को अमरावती करागृह से नागपुर जेल जल्द स्थानांतरित किया जा सकता है. जिसे लेकर अदालत में वकिल द्बारा एक अर्जी भी दाखिल की गई हैं.
* कार और गांजा जब्त
डीआरआई के दल ने नवसारी परिसर के ढाबे पर छापा मारकर 4 किलो 900 ग्राम एमडी के अलावा 4 ग्राम गांजा और एक कार जब्त की है. विशेष बात यह है कि इस पूरे प्रकरण में अमरावती शहर के पुलिस स्टेशन में कोई एकआईआर दर्ज नहीं की गई. बल्कि दिल्ली स्थित डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीधे आरोपियों को अदालत में पेश किया गया.





