भाजपा ने हमेशा की तरह ऐन समय पर सभी को अपने फैसले से चौंकाया
विदर्भ से राज्यसभा हेतु नागपुर की पूर्व महापौर मायाताई इवनाते को मिला मौका

* राज्यसभा की आस में रहनेवाली पूर्व सांसद नवनीत राणा का ऐन समय पर नाम कटा
* खुद सीएम फडणवीस ने पूर्व सांसद राणा को जल्द ही दुबारा सांसद बनाए जाने का दिया था शब्द
* पूर्व मंत्री हंसराज अहीर व अशोक नेते के नाम भी चल रहे थे चर्चा में
नई दिल्ली/मुंबई/दि.4 – राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपने ‘धक्कातंत्र’ का प्रदर्शन करते हुए राजनीतिक गलियारों को चौंका दिया. लंबे समय से चल रही अटकलों और चर्चाओं पर विराम लगाते हुए पार्टी ने महाराष्ट्र से अपने चार उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी. अपेक्षा के अनुरूप विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के नाम शामिल किए गए, लेकिन बाकी दो नामों ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया, क्योंकि भाजपा ने चर्चित नामों को दरकिनार करते हुए रामराव वडकुते और नागपुर की पूर्व महापौर माया चिंतामण इवनाते को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया है.
बता दें कि, विदर्भ क्षेत्र से राज्यसभा सीट को लेकर पूर्व सांसद नवनीत राणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर और आदिवासी नेता अशोक नेते के नाम चर्चा में थे. माना जा रहा था कि इनमें से किसी एक को अवसर मिल सकता है, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने मायाताई इवनाते के नाम पर मुहर लगाकर समीकरण बदल दिए. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, मायाताई इवनाते को आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व देने और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति के तहत मौका दिया गया है. उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की करीबी भी बताया जाता है, जिससे उनके चयन को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
राज्यसभा की कुल 37 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में महाराष्ट्र की भूमिका अहम मानी जा रही है. भाजपा ने अपने निर्णय से यह संकेत दिया है कि वह सामाजिक संतुलन, संगठन निष्ठा और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दे रही है. अंतिम समय में नए चेहरों को मौका देकर पार्टी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि उम्मीदवार चयन में वह आखिरी क्षण तक रणनीतिक गोपनीयता बनाए रखती है. अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस फैसले का विदर्भ और मराठवाड़ा की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा. फिलहाल इतना तय है कि भाजपा के इस निर्णय ने कई दिग्गजों की उम्मीदों पर विराम लगा दिया है और नए समीकरणों को जन्म दे दिया है.
* पूर्व सांसद नवनीत राणा की उम्मीदों को झटका
अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा लंबे समय से राज्यसभा की दावेदार मानी जा रही थीं. यह भी चर्चा थी कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें जल्द ही दोबारा संसद भेजने का आश्वासन दिया था. ऐसे में अंतिम समय पर उनका नाम सूची से बाहर होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
* कौन हैं मायाताई इवनातेे?
माया चिंतामण इवनाते नागपुर की पूर्व महापौर रह चुकी हैं. वे आदिवासी समाज से आती हैं और हाल ही में नागपुर महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग क्रमांक 12 से विजयी हुई थीं. उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में सदस्य के रूप में कार्य करने का अनुभव भी है. संगठन और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के कारण भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए चुना है.
* कौन हैं रामराव वडकुते?
रामराव वडकुते हिंगोली जिले के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में भाजपा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से की थी और उन्हें विधान परिषद का अवसर भी मिला था. कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने पार्टी बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया. संगठन में सक्रिय भूमिका और मराठवाड़ा क्षेत्र में पकड़ के कारण उन्हें यह मौका दिया गया माना जा रहा है.





