बडी ‘ईमानदारी’ से मनपा का चुनाव लड रहे प्रत्याशी!
मनपा चुनाव में ‘ईमानदारी’ की बाढ़, खर्च आसमान पर, कार्रवाई ज़मीन के नीचे

* खर्च हो रहा है, दिख नहीं रहा, इसलिए माना ही नहीं जा रहा
* खर्च के उल्लंघन या अनियमितता को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
* फ्लाईंग स्क्वॉड के पास अब तक दर्ज नहीं हुई कहीं से कोई शिकायत
* शहरभर में हर ओर लगे हुए है बेतहाशा बैनर व पोस्टर, अधिकृत संख्या केवल कागजों पर
* कौन कितना खर्च कर रहा, मनपा के पास कोई अधिकारिक आंकडा नहीं
* चुनाव के निपट जाने पश्चात खर्च के ब्यौरे की जानकारी देने की बात कही गई
* कॉर्नर सभाओं व प्रचार रैलियों सहित कार्यकर्ताओं के खाने-पीने पर हो रहे खर्च का अभी कोई हिसाब-किताब नहीं
* प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर मनपा की आश्चर्यजनक चुप्पी, सबकुछ ‘ऑल वेल’ रहने की बात दर्शायी जा रही
अमरावती/दि.8 – इस बार महानगर पालिका के चुनाव में हिस्सा ले रहे सभी प्रत्याशी मानों निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बडी ही ‘ईमानदारी’ के साथ चुनाव लड रहे है. जिसके चलते कहीं पर भी चुनाव प्रचार को लेकर बेतहाशा खर्च होने, मतदाताओं को प्रलोभन या लालच देने, चुनावी आचारसंहिता का उल्लंघन होने और कहीं भी किसी भी तरह की कोई गडबडी होने जैसी कोई बात ही नहीं हो रही. क्योंकि मनपा के निर्वाचन विभाग तथा विजिलेंस टीम के पास ऐसी कोई शिकायत ही नहीं पहुंची है. जिसके चलते मनपा प्रशासन और निर्वाचन विभाग द्वारा मनपा चुनाव में सबकुछ ‘ऑल वेल’ रहने का दावा किया जा रहा है.
विशेष उल्लेखनीय है कि, मनपा चुनाव के प्रचार का दौर शुरु होने के साथ ही शहर की दीवारें बैनर, पोस्टर, झंडों और प्रचार सामग्रियों से पटी पड़ी हैं, जिसका सीधा मतलब है कि, प्रचार साहित्य पर जमकर पैसा खर्च किया जा रहा है. लेकिन रिकॉर्ड में सबकुछ ‘मर्यादित’ दिखाया जा रहा है. जिसके चलते फ्लाइंग स्क्वॉड के पास अब तक न तो किसी प्रत्याशी के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई, न ही प्रशासन को स्वसंज्ञान लेते हुए किसी के विरुद्ध कार्रवाई की आवश्यकता महसूस हुई. दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि खर्च का अधिकारिक ब्यौरा चुनाव के निपट जाने के बाद ही प्राप्त होगा. यानी फिलहाल सबकुछ ‘ऑल वेल’ है.
ज्ञात रहे कि, इस समय मनपा के निर्वाचन विभाग के पास प्रत्याशियों द्वारा कॉर्नर सभाओं, प्रचार रैलियों, कार्यकर्ताओं के आवागमन और खाने-पीने पर किए जा रहे खर्च का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है. मनपा प्रशासन की आश्चर्यजनक चुप्पी यह दर्शा रही है कि शहर के सभी प्रत्याशी शायद ‘इतने ईमानदार’ हैं कि किसी को कोई संदेह ही नहीं. ऐसे में यहां पर यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा कि, मनपा चुनाव ने इस बार प्रशासन और राजनीति, दोनों के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. प्रत्याशी इतने ईमानदार हो गए हैं कि शहर भर में बैनर, पोस्टर, झंडे और रैलियां दिखाई तो देती हैं, लेकिन खर्च कहीं दर्ज ही नहीं हो रहा. कहीं कोई शिकायत नहीं है, न कोई कार्रवाई भी हुई है. मानो चुनाव नहीं, कोई आध्यात्मिक साधना चल रही हो, जहां खर्च अपने आप शून्य हो जाता है. जिसके चलते फ्लाइंग स्क्वॉड अब तक पूरी तरह ‘फुर्सत’ में है.
कहने को तो मनपा के रिकॉर्ड बताते हैं कि अधिकृत बैनर-पोस्टर की संख्या बेहद सीमित है, लेकिन शहर की हर गली और चौराहा अलग ही कहानी कह रहा है. सवाल यह नहीं कि खर्च हो रहा है या नहीं, सवाल यह है कि उसे देखने वाला कोई है भी या नहीं. प्रचार रैलियों, कॉर्नर सभाओं, कार्यकर्ताओं की खातिरदारी और वाहनों की कतारें, सबकुछ खुलेआम, लेकिन हिसाब-किताब पूरी तरह ‘भविष्य के भरोसे’. अधिकारियों का कहना है कि चुनाव खत्म होने के बाद खर्च का ब्यौरा लिया जाएगा. यानी अभी सबकुछ ‘ऑल वेल’ है और मनपा चुनाव में ‘ईमानदारी’ अपने चरम पर चल रही है.





