हिंदु मुस्लिम एकता की मिसाल चिखलदरा
चिखलदरा के नगराध्यक्ष अब्दुलभाई जनता की उम्मीदो पर खरे उतर पायेंगे

* करीब 700 हिंदू मतदाता ने दिया था अब्दुलभाई को वोट
* प्रशासन चलाने में अनुभव तथा निर्णय क्षमता की दिख रही है कमी
* शासकीय निधि का खुलकर दुरूपयोग होने से संदेह की भूमिका में अधिकारी
चिखलदरा/दि.24-चिखलदरा की पहचान एक पर्यटन स्थल के तौर पर हैं. तथा यहा के आर्थिक उत्पन्न का साधन भी पर्यटन ही हैं. पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में मुख्य रोजगार भी पर्यटन के माध्यम से चलता हैं. इस कारण यहां के छोटे से बडे होटल व्यवसायी हर पॉइंट पर पानी, चाय से लेकर खारेदाने बेचनेवाले तक तथा जिप्सी व्यवसायी से लेकर गाईड तक हर व्यक्ति यह चाहता है कि यहां का उचित विकास हो तथा यहा पर्यटकों की संख्या बढे. इसी के माध्यम से इस बार के नगर पालिका के चुनाव में भाजपा के पुरजोर कोशिश के बावजूद यहां की जनता ने जिस व्यक्ति ने एक समय नगर पालिका में काम किया था और हमेशा जनता के सुख-दुख में खडे रहने वाले अब्दुल भाई को नगराध्यक्ष के कुर्सी पर विराजमान किया. करीब 700 हिंदू मतदाता ने अब्दुल भाई को वोट दिया उन्हें तथा उनके कार्य पर विश्वास जताया तथा आनेवाले 5 साल तक विकास की तथा पर्यटन के माध्यम से रोजगार बढे यह विश्वास उन पर जताया है. लेकिन जिस तरह का विश्वास उन पर जताया गया हैं वह फिलहाल खरा साबित होता दिखाई नहीं दे रहा हैं. शासन द्बारा जो निधि यहां पर्यटन, पर्यटक बढाने, पर्यटकों को आकर्षित करने व सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दी गई हैं, वह निधि नाली, पेविंग ब्लॉक, जहां आवश्यकता नहीं वहां पक्के कंपाउंड, साईड वॉल का निर्माण किया जा रहा हैं. इसके अलावा जहां आवश्यकता नहीं हैं वहां सडकों का निर्माण कर शासन के करोडो रुपए खर्च किए जा रहे हैं. इसमें संबंधित विभाग के अधिकारी व अभियंता हैं. जो मनमाने तरीके से इस्टीमेट बनाकर काम कर रहे हैं. इस पर नगराध्यक्ष का कोई कंट्रोल नहीं हैं.
इस मनमाने कामकाज पर लगाम कसने के लिए जिलाधिकारी द्बारा एक समिति बनाकर सर्वप्रथम इसकी समीक्षा व जांच करनी चाहिए. अब तक मनमाने तरीके से हुए खर्च को लेकर संबंधित अधिकारियों की संपत्ति की जांच कर उन पर कार्रवाई करने की चर्चा नागरिकों में होने लगी हैं. नागरिकों का कहना हैं कि नगराध्यक्ष अब्दुल भाई को जनता ने बडी उम्मीदों के साथ वोट देकर निर्वाचित किया हैं. चिखलदरा के चौराहो का सौंदर्यीकरण करना, सडकों पर स्ट्रीट लाईट लगाना, बंद पडे उद्यान, स्वीमिंग टैंक तथा हर पॉइंट को आकर्षक बनाकर पर्यटकोंं के लिए सुविधा उपलब्ध कराने, एडवेंचर एक्टिवीटी, बच्चों के लिए स्पोर्टस की व्यवस्था कराने के साथ रोजगार के साधन बढाने की अपेक्षा नागरिकों ने व्यक्त की हैं. इसके अलावा शालाओं की सहल यहां की असुविधा के कारण बंद हो गई हैं उसे शुरू करने के लिए नगर पालिका तथा वन विभाग द्बारा मुंडिकर माफ करने, शालेय सहल में आनेवाले विद्यार्थियों के लिए भवन का सुधार करने की मांग की गई हैं. इसें अलावा शासकीय निधि का सदुपयोग करने के लिए गांव की समिती बनाकर उनके सुझाव लेकर कंसलटंट नियुक्त कर उचित नियोजन के साथ इस पर्यटन स्थल को अधिक निखारने की मांग नागरिकों द्बारा की जाने लगी हैं. ऐसा विकास होने पर यहां रोजगार बढने की उम्मीद जताई गई हैं.
भविष्य में चिखलदरा में स्कायवॉक के निर्माण के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढना निश्चित हैं. पर्यटकों के वाहनों के कारण छोटे पडते रोड का चौडाईकरण करने और वाहनों की पार्किंग व्यवस्था का नियोजन करने की मांग अब नगराध्यक्ष अब्दुलभाई से होने लगी हैं. चिखलदरा के नागरिकों की नगराध्यक्ष अब्दुलभाई से इस पर्यटन स्थल को विकसित कर रोजगार के साधन बढाने की अपेक्षा है. इस कारण अब नगराध्यक्ष अब्दुलभाई को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यह काम करना आवश्यक हैं, अन्यथा उनके खिलाफ नागरिकों में रोष बढने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.





