‘सॉरी मम्मी… चलो फिर आते हैं’ लिखकर की आत्महत्या
18 वर्षीय युवक ने 7 मंजिला इमारत से छलांग लगाकर दी जान

* सुसाईड नोट पढकर सभी की आंखे हुई नम, मामले की जांच जारी
* रहाटगांव के विधि हाईट्स अपार्टमेंट की घटना, परिसर में हडकंप
अमरावती /दि.23 – ‘सॉरी मम्मी… मैं अब रोज-रोज के तमाशे से तंग आ चुका हूं. मुझे आगे अपना कोई करिअर या फ्युचर दिखाई नहीं दे रहा. तुम अपना ख्याल रखना, चलो, अब आते है.’ अपने कलेजे के टुकडे द्वारा लिखे गए इस तरह के ‘अंतिम खत’ को पढकर किसी भी माता-पिता का कलेजा ही टुकडे-टुकडे हो जाएगा. लेकिन कुछ ऐसा ही अंतिम खत 18 वर्षीय आराध्य उर्फ आरु ने अपने माता-पिता के नाम लिखा और फिर रहाटगांव परिसर स्थित विधि हाईट्स अपार्टमेंट नामक निर्माणाधिन रहनेवाली 7 मंजिला इमारत पर चढकर वहां से नीचे छलांग लगा दी. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. यह घटना विगत शनिवार 21 मार्च को सुबह 7 बजे के आसपास उजागर हुई, जिसकी जानकारी मिलते ही पूरे परिसर में अच्छा-खासा हडकंप मच गया. साथ ही आराध्य उर्फ आरु की जेब से मिले सुसाईड नोट को पढकर मौके पर पहुंचे नागरिकों सहित पुलिस कर्मियों की भी आंखें नम हो गई.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक दर्यापुर स्थित गांधी नगर के मूल निवासी प्रदीप तलोकार अपने परिवार सहित विगत कई वर्षों से अमरावती स्थित साईनगर परिसर में रहते है. जिनके बेटा आराध्य उर्फ आरु प्रदीप तलोकार (18) विगत 20 मार्च की रात अपनी स्कूटी लेकर घर से बाहर निकला था. लेकिन फिर वापिस ही नहीं लौटा, बल्कि अगले दिन सुबह रहाटगांव परिसर स्थित विधि हाईट्स अपाटमेंट नामक निर्माणाधिन इमारत के नीचे आराध्य उर्फ आरु का शव पडा रहने तथा आराध्य उर्फ आरु द्वारा उस 7 मंजिला इमारत से नीचे छलांग लगाते हुए आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिली. जिसके बाद पूरा परिवार हडबडाकर मौके पर पहुंचा, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था.
* मोबाइल कवर में छिपा था आरु का ‘दर्द’
पुलिस ने मौके से आरु का मोबाइल फोन बरामद किया. जिसके कवर में एक ‘सुसाईड नोट’ लिखकर रखी गई थी. जिससे यह स्पष्ट हुआ कि, निराशा एवं अवसाद किसी भी व्यक्ति को किस स्तर तक लेकर जा सकते है. 24 पंक्तियों वाले इस सुसाईड नोट में आराध्य उर्फ आरु ने लिखा था कि, ‘मेरा पैशन और मेरा करिअर वैसे भी लगभग खत्म हो चुका है और अब मुझे यह समझ में नहीं आ रहा कि, मैं आगे क्या करुं, सॉरी मम्मी… मैं अब रोज-रोज के इस तमाशे से तंग आ गया हूं, तो जा रहा हूं, चलो, फिर आते है.’ इसके बाद अपना नाम ‘आरु’ लिखते हुए आराध्य ने मां का ख्याल रखने की बडी जिम्मेदारी अपने छोटे भाई पर सौंपी.
* रातभर फोन बजता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं और जब जवाब मिला, तब सब खत्म हो चुका था
20 मार्च की रात आरु अपनी स्कूटी लेकर घर से बाहर निकला था और जब वह देर रात तक वापिस नहीं लौटा, तो उसकी फिक्र होने के चलते उसके माता-पिता उसे लगातार फोन करते रहे. लेकिन आरु ने एक भी कॉल को रिसीव नहीं किया. संभवत: उस वक्त वह विधि हाईट्स अपार्टमेंट की 7 मंजिला इमारत की छत पर बैठकर अपने जीवन का सबसे घातक और अंतिम निर्णय ले रहा था. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आरु ने संभवत: देर रात 2 से 3 बजे के आसपास 7 मंजिला इमारत के उपर से नीचे की ओर छलांग लगाई. जिसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई और वह पूरी तरह से शांत हो गया. वहीं दूसरी ओर शनिवार की सुबह 7 बजे के आसपास मॉर्निंग वॉक के लिए निकले लोगों को जब विधि हाईट्स अपार्टमेंट के पास एक युवक का शव पडा दिखाई दिया, तो उन्होंनी इसकी सूचना तुरंत ही नांदगांव पेठ पुलिस को दी. जिसके बाद नांदगांव पेठ पुलिस स्टेशन के थानेदार दिनेश दहातोंडे मौके पर पहुंचे. खास बात यह रही कि, उस समय भी आरु की जेब में रहनेवाले मोबाइल पर इनकमिंग कॉल की रिंग बज रही थी. जिसके चलते पुलिस ने आरु की जेब से मोबाइल निकालकर उस पर आ रही कॉल को रिसीव किया. वह कॉल आरु के माता-पिता की ओर से थी. जिन्हें पुलिस ने अपने कलेजे पर पत्थर रखकर आरु के एक हादसे में घायल हो जाने की जानकारी दी. लेकिन उस समय तक हकीकत में सबकुछ खत्म हो चुका था.
* निराशा, अवसाद व गुस्से के चलते उठाया कदम
उल्लेखनीय है कि, हर माता-पिता अपने बच्चों का भविष्य उज्वल देखना चाहते हैं जिसके लिए दिन-रात मेहनत कर बच्चों को पढाई के लिए खून-पसीना एक करते हैं. लेकिन अगर बच्चे गलत रास्ते पर चलने लगे तो परिजनों की फटकार एक सबक की तरह होती हैं. लेकिन इसी डांट फटकार को नकारात्मक रूप से लेते हुए खुद को जीवन में असफल समझ कर आराध्य उर्फ आरु ने आत्मघाती कदम उठाया, ऐसी जानकारी सामने आई है. पता चला है कि, आराध्य उर्फ आरु ने हाल ही में 12 वीं की परीक्षा दी थी. जानकारी यह भी है कि, घटनास्थल में 200 मीटर की दूरी पर आराध्या के मौसी का घर बताया गया है. शायद वह मौसी के घर जाने के लिए निकला था. लेकिन मौसी के घर पहुंचने की बजाए आराध्य उर्फ आरु ने रास्ते में 7 मंजिला इमारत पर चढकर वहां से छलांग लगाते हुए खुदकुशी कर ली. सूत्रों के मुताबिक गलत दोस्तों की संगत तथा लेट नाईट घर आने के चलते परिजन हमेशा उसे सही रास्ते पर चलने के लिए लगातार कह रहे थे. लेकिन शायद माता-पिता की यह बात उसे खटकने लगी थी. ऐसे में पढाई-लिखाई में मिल रही विफलता से उपजे नैराश्य व अवसाद तथा परिजनों की डांट-फटकार से पैदा हुए गुस्से का शिकार होकर आराध्य उर्फ आरु ने संभवत: यह आत्मघाती कदम उठाया. नांदगांव पेठ पुलिस ने आकस्मिक मौत के तहत मामला दर्ज करते हुए आगे की जांच करनी शुरु की है. जिसके तहत आरु के माता-पिता व अन्य परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए है.





