नकली साबून और डिटर्जंट पावडर बनाने वालों पर कॉपीराइड का मामला दर्ज

कारखाने का संचालक अभी भी फरार

* अमरावती संभाग के पांचों जिलों में सप्लाय हो रहा था यह माल
* अन्न व औषध प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद
* हिंदुस्थान युनिलीवर कंपनी का दल पहुंचा अमरावती
अमरावती/दि.7 – क्राइम ब्रांच के दल द्वारा वलगांव थाना क्षेत्र में चलने वाले ब्रांडेड कंपनी के चलने वाले साबून और डिटर्जंट पावडर के कारखाने पर छापा मारकर लाखों रुपए का माल बरामद करने के बाद मुंबई से हिंदुस्थान युनिलीवर कंपनी के अधिकारी भी अमरावती पहुंचकर सेम्पल लेते हुए वलगांव थाने में शिकायत दर्ज की है. इस शिकायत के आधार पर वलगांव थाने में कॉपीराइड समेत विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि, इस कारखाने में तैयार होने वाले नकली माल संभाग के पांचोें जिलों में सप्लाय किया जाता था. यह कारखाना काफी समय से चल रहा था. इसके बावजूद अन्न व औषध प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है.
बता दें कि, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संदीप चव्हाण ने पुलिस आयुक्त राकेश ओला के आदेश पर वलगांव क्षेत्र मे ंआने वाले नया अकोला के पास दो कारखानों पर छापा मारकर वहां से 71 लाख 20 हजार 295 रुपए का नकली साबून और डिटर्जंट पावडर बनाने का माल जब्त किया था. इस कारखाने में सरफेक्सल, व्हील, डिटर्जंट पावडर और साबून तैयार किये जाते थे. पुलिस ने यहां से मो. जुनेद मो यासिन (28), प्रफुल विष्णुपंत डोईफोडे (48), शेख भुरु शेख मुनीर (50) और शेख कलीम शेख मजीद (40) को गिरफ्तार कर लिया था. इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में हडकंप मच गया था. जांच में यह पता चला है कि, यह आरोपी पिछले काफी समय से यहां नकली साबून और डिटर्जंट पावडर तैयार करने का कारखाना चला रहे थे. इन लोगों ने अपना जाल अमरावती, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, यवतमाल में बिछाया था. छोटी दुकानों से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के छोटे-छोटे मार्ट में यह लोग अपना माल सप्लाय करते थे. कार्रवाई के बाद पुलिस ने संबंधित कंपनी को इस घटना की जानकारी दी. पश्चात हिंदुस्थान युनिलीवर कंपनी का जांच दल बुधवार 6 मई को अमरावती पहुंचा. उन्होंने पुलिस द्वारा जब्त किये गये माल के सैंम्पल लेकर वलगांव थाने में शिकायत दर्ज की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 336 (3), 340 (2), 345 (3), भारतीय ट्रेडमार्क कानून (व्यापार चिन्ह अधिनियम 1999) की धारा 103, 104 और कॉपीराइड 1957 की धारा 63 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की है. पुलिस अभी भी इस कारखाने के मूल मालिक का पता लगाने में जुटी हुई है. पुलिस को संदेह है कि, कब्जे में लिये गये चारों आरोपी इतना बडा कारोबार नहीं चला सकते. इसके पीछे किसी और का हाथ है.
* किराए पर था कारखाना
पुलिस सूत्रों ने बताया कि, नया अकोला के पास नकली साबून और डिटर्जंट पाउडर तैयार करने वाला यह कारखाना पिछले डेढ साल से चल रहा था और इसे किराए पर लिया गया था. पुलिस ने चार आरोपियों को कब्जे में लेने के बाद नोटिस देकर उन्हें छोड दिया. अब कंपनी ने जब्त किये इस माल के सैम्पल लिये है. इन सैम्पलों की प्रयोग शाला में जांच करने के बाद प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. ऐसी जानकारी वलगांव के थानेदार वैभव पानसरे ने अमरावती मंडल को दी.
* वह कारखाना किसका?
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि, पिछले डेढ साल से यह कारखाना किराए पर लिया गया था. लेकिन यह किससे लिया, इसका मूल मालिक कौन, कारखाने में थ्री फेस लाइन किस आधार पर लायी गई, ब्रांडेट कंपनी के नकली साबून और डिटर्जंट पावडर को तैयार करने के लिए यह लोग कच्चा माल कितनी भारी मात्रा में कहां से लाते थे, माल तैयार करने के लिए क्या-क्या इस्तेमाल किया जाता था. आदि बातों की अभी जांच होना बाकी है. इस प्रकरण में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना पुलिस ने व्यक्त की है. मामले की जांच पुलिस आगे कर रही है.

Back to top button