बारदाना संकट पर भड़के जनप्रतिनिधि

सांसद बलवंत वानखड़े और पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप का सरकार को अल्टीमेटम

अमरावती/दि.13 – महाराष्ट्र राज्य सहकारी पणन महासंघ के माध्यम से चल रही तूर और चना खरीदी प्रक्रिया में बारदाना (बोरियों) की भारी कमी के कारण किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मुद्दे को लेकर अमरावती लोकसभा क्षेत्र के सांसद बलवंत वानखड़े और पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को कड़ा इशारा दिया है. दोनों नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया, तो वे किसानों के साथ मिलकर तूर और चना सीधे पणन महासंघ के कार्यालय में लाकर उग्र आंदोलन करेंगे.
इसी संदर्भ में सांसद वानखड़े और पूर्व विधायक जगताप ने अमरावती जिला मार्केटिंग फेडरेशन कार्यालय का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने व्यवस्थापकीय संचालक और सचिव से दूरभाष पर संपर्क कर खरीदी प्रक्रिया में आ रही बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की. सांसद वानखड़े ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि, किसान अपना माल लेकर केंद्रों पर खड़ा है, लेकिन बारदाना नहीं होने से खरीदी बंद है, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने संबंधित विभाग के मंत्री से संपर्क करने का प्रयास भी किया, किंतु उनसे संपर्क नहीं हो सका.
इस समय किसानों को हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए दोनों नेताओं ने सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि, किसान पहले से ही आर्थिक संकट में है. सरकारी उदासीनता के कारण उसे मजबूरी में अपना माल व्यापारियों को कम दाम में बेचना पड़ रहा है. यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हम किसानों के साथ मिलकर पणन महासंघ कार्यालय में तूर-चना उंडेलकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.
इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे. जनप्रतिनिधियों की इस सख्त भूमिका के बाद प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो गया है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि बारदाना की समस्या कब तक सुलझती है. इस दौरान महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के संचालक नितीन हिवसे, अनंत साबले, सुनीलगावंडे, राजू कराले तथा चांदूर रेलवे खरीदी-विक्री संघ के पदाधिकारी एवं किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे.

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