2.61 करोड का गांजा पकडा

उडीसा से मध्यप्रदेश के लिए हो रही थीं तस्करी

* डीआरआई ने जप्त किया माल, दो आरोपी हिरासत में
* भागेमाहरी टोल प्लाजा पर कार्रवाई
नागपुर/दि.12 – करीब देढ साल पहले एनएच 47 पर पाटणसावंगी से सावनेर के पास भागेमाहरी में स्थानांतरीत हुए टोल नाके पर 11 जनवरी को 522.138 किलो गांजा बरामद किया गया. केंद्रीय राजस्व गुप्तचर संचालनालय (डीआरआई) को इस संबध में गुप्त जानकारी मिली थीं इसके आधार पर डीआरआई की टीम ने संबंधित ट्रक को रोका और जांच में गांजे की बडी खेप बरामद की. जप्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीेमत 2 करोड 61 लाख 6 हजार 900 रूपए बताई गई हैं.
बरामद किए गए माल के साथ दो आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया हैं. यह दोनों आरोपी उडीसा के निवासी हैं उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया हैं. सुत्रो के अनुसार तस्करी कर ले जाए जा रहें. गांजे के डिलीवरी पॉइंट का लोकेशन दिया ही नहीं गया था. माल को पार लगाने वाले जब महाराष्ट्र सीामा को पार कर जाते तभी उन्हें एमपी में माल को उतारने के लिए जगह बताई जाती थीं.
डीआरआई की टीम अब माल भेजने वाले औेर माल की डिलीवरी लेने वाले के तलाश में जुटी हुई हैं. हैरत की बात तो यह हैं कि उडीसा से गांजे की यह खेप निकालने को बाद ट्रक (एमपी 04जी बी 3859) से छत्तीसगढ व महाराष्ट्र की सीमा में लंबी दुरी तक पार होते हुए भागेमाहरी टोल तक पहुंच गया. इस टोल नाके से दोनों ओर करीब 25 मिनट में ही माहराष्ट्र सीमा को पार किया जा सकता था. सावनेर, नागपुर जिले की मध्यप्रदेश से लगी तहसील हैं.

कूलर, कंबल में छुपा रखा था
गांजे को छुपाने के लिए तस्करोे ने इसे कूलर, पंखे, कंबल और जैकेट मेंं भर रखा था. लेकिन तस्करो का यह चकमा देने वाल हथकंडा काम नही आया. गहन जांच के बाद आखिकार गांजा जप्त कर लिया गया.

गांजे की अंतरराज्यीय तस्करी
इस कार्रवाई ने महाराष्ट्र होकर गांजे की अंतरारज्यीय तस्करी का बडा मामला पकडा हैं. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस 1985 के तहत मामलर दर्ज किया गया हैं. इस प्रकरण में अब पुलिस भी जांच में जुट गई हैं. पुलिस ने ट्रक सहित सारा माल बरामद कर लिया.

Back to top button