तीन साल से अमरावती में अवैध एमडी ड्रग्ज का व्यवसाय

इस वर्ष तीन माह में कुल 13 कार्रवाई, 55 आरोपी नामजद

* 3.98 करोड रुपए का माल जब्त
* ड्रग्ज तस्करों पर शिकंजा कसने अब ‘ऑपरेशन वाईप आउट’ होगा और तेज
* शहर के 5 तस्करों की सरगर्मी से तलाश जारी
अमरावती/दि.13 – अमरावती शहर में पिछले तीन साल से अवैध ड्रग्ज तस्करी और बिक्री का व्यवसाय चल रहा है. यह बात पुलिस जांच में सामने आयी है. ‘ऑपरेशन वाईप आउट’ के तहत अब तक एमडी और गांजा तस्करी और बिक्री के कुल 13 मामले उजागर हुए है. जिसमें 55 आरोपी बनाये गये हैं. इन आरोपियों से कुल 3 करोड 98 लाख 17 हजार 270 रुपए का माल जब्त किया गया है. यह सभी 13 कार्रवाई इस वर्ष 1 जनवरी से 10 अप्रैल तक की गई है. शहर में इस अवैध व्यवसाय पर शिकंजा कसने के लिए अब पुलिस आयुक्त राकेश ओला के निर्देश पर ‘ऑपरेशन वाईप आउट’ और तेज किया जाने वाला है. एमडी ड्रग्ज को शहर में लाने के लिए पैसा देने वाले फाइनांसर व तस्कर फरार है. उनकी सरगर्मी से तलाश क्राइम ब्रांच का दल कर रहा है.
इस वर्ष की शुरुआत में हैदराबाद के डीआरआई के दल ने अमरावती के नवसारी परिसर के एक ढाबे पर छापा मारकर 4 किलो 900 ग्राम एमडी ड्रग जब्त किया था. डीआरआई के इस दल में नागपुर के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे. इस कार्रवाई में कुल अमरावती के 4 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था. यह चारों आरोपी अभी मध्यवर्ती कारागृह में है. इस कार्रवाई के बाद ही अमरावती शहर में भारी मात्रा में एमडी ड्रग्ज की बिक्री और तस्करी चलती रहने की बात उजागर हुई थी. उसके पूर्व छोटी-मोटी कार्रवाई शहर पुलिस प्रशासन द्वारा की गई है. लेकिन डीआरआई की कार्रवाई से शहर पुलिस प्रशासन सकते में आ गया था. पुलिस आयुक्त राकेश ओला के निर्देश पर जगह-जगह छापामार कार्रवाई शुरु की गई. इस कार्रवाई के पूर्व अमरावती शहर में गांजा तस्करी और गांजे की बिक्री के अनेक मामले सामने आये थे. लेकिन ड्रग्ज व्यवसाय को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आयी थी. डीआरआई की कार्रवाई के बाद दूसरी बडी कार्रवाई मार्च माह में क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्व वाले दल द्वारा की गई. इस दल ने सुकली वनारसी रोड पर जाल बिछाकर मुंबई से दुपहिया पर अमरावती एमडी लेकर आ रहे दो पैडलर को दबोल लिया था. उनके पास से 2.81 किलो एमडी भी जब्त की गई थी. पूछताछ में इन आरोपियों ने यह एमडी गवलीपुरा के नाझीम, राजा, सोनू, बाबा और एक अन्य के कहने पर लायी रहने की जानकारी दी थी. क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई के बाद यह सभी आरोपी फरार है. यहीं आरोपी फाइनांसर थे और पैसे जमा कर मुंबई से एमडी ड्रग्ज लाकर अमरावती में उसकी बिक्री किया करते थे. यह बात जांच में सामने आयी है. लेकिन यह आरोपी अभी भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं. पुलिस ने 1 जनवरी से 10 अप्रैल के दौरान गांजे की 4 कार्रवाई और एमडी की 9 कार्रवाई की है. गांजे की कार्रवाई में 11 आरोपी और एमडी की कार्रवाई में 44 आरोपी दबोचे जा चुके है. इस कार्रवाई में पुलिस ने 110 किलो 925 ग्राम गांजा और 2 किलो 445 ग्राम 192 मिली एमडी जब्त किया है. इस माल की कीमत कुल 3 करोड 72 लाख 62 हजार 700 रुपए है. जबकि आरोपियों से कुल 3 करोड 98 लाख 17 हजार 270 रुपए का माल जब्त किया है. अब पुलिस प्रशासन शहर में ‘ऑपरेशन वाईप आउट’ और तेज चलाकर ड्रग्ज तस्करों पर अपना शिकंजा कसने वाली है.
* शहर में एमडी ड्रग्ज का व्यवसाय नागपुरी गेट थाना क्षेत्र में
पुलिस सूत्रों ने बताया कि, अमरावती में अब तक फल-फूल रहा एमडी ड्रग्ज का अवैध व्यवसाय नागपुरी गेट थाना क्षेत्र परिसर से ही होता आया है. यह व्यवसाय पिछले तीन साल से अमरावती में चल रहा है और यह व्यवसाय करने वाले आरोपी दबोचे जा चुके है और अन्य फरार है. यहीं लोग पैसों का प्रलोभन देकर युवाओं को मुंबई भेजकर माल बुलाते थे. पैसों की लालच में यह पैडलर कुछ सोचे-समझे बगैर मुंबई जाकर माल ले आते थे और उसी व्यवसाय के जरिए शहर के तस्कर पैसा कमा रहे थे और युवाओं को इस लत में लगा रहे थे.
* फरार आरोपियों में चार सदस्य एक परिवार के
सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में एमडी ड्रग्ज प्रकरण में पांच आरोपी फरार है. इनमें से चार आरोपी एक ही परिवार के है, जो इस अवैध व्यवसाय से जुडे हुए है. पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है. यहीं सदस्य आपस में पैसा जमा कर भारी मात्रा में एमडी ड्रग्ज मुंबई से लाते थे और अमरावती समेत आसपास की तहसीलों में बेचते थे.
* अब सतर्क रहना जरुरी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि, अब अमरावती में एमडी ड्रग्ज तस्कर और पैडलरों पर की गई कार्रवाई के कारण इस अवैध व्यवसाय पर काफी रोक लगी है, लेकिन अब ‘ऑपरेशन वाईप आउट’ के जरिए पुलिस और सतर्क होकर कार्रवाई करने वाली है. क्योंकि ड्रग्ज तस्कर विभिन्न मार्गों का इस्तेमाल कर एमडी की बजाय दूसरे नशीलें पदार्थों की बिक्री कर सकते हैं. जो आरोपी इस अवैध व्यवसाय में लिप्त है, वे दूसरे सोर्स निर्माण कर सकती है. इस कारण अब पुलिस अपना अभियान और तेज चलाते हुए सभी तरफ बारिकी से नजर रखने वाली है.

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