तारकेश्वर गढ़ के महंत ने खुद को किया गंभीर रूप से घायल
खुद के जनेंद्रिय को धारदार हथियार से काट डाला

* अस्पताल में उपचार जारी, वीडियो संदेश से भक्तों को दी जानकारी
बीड/दि.16 – महाराष्ट्र के बीड जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तारकेश्वर गड के महंत आदिनाथ महाराज शास्त्री से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जानकारी के अनुसार महंत ने स्वयं पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर चोट पहुंचा ली. घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है. घटना के बाद चिंतित भक्तों को स्वयं महंत ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत अब स्थिर है और भक्त किसी प्रकार की चिंता न करें, वे जल्द ही गढ़ पर लौटेंगे.
बताया जा रहा है कि बीड जिले के आष्टी तहसील के महिंदा गांव स्थित तारकेश्वर गड में रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे महंत ने उपस्थित भक्तों को कमरे के बाहर रुकने के लिए कहा. इसके बाद वे कमरे में चले गए और कुछ देर बाद उन्होंने स्वयं पर हमला कर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया. जिसके तहत उन्होंने अपने खुद के जनेंद्रिय पर धारदार हथियार से वार कर उसे काट डाला. घटना का पता चलते ही सेवकों और भक्तों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया. महंत की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत अहिल्यानगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां डॉ. हर्षवर्धन तनवर और उनकी टीम ने तत्काल शल्यक्रिया की. डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी सफल रही है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. संक्रमण के खतरे को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक उन्हें किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इस घटना की खबर फैलते ही वारकरी संप्रदाय और महंत के अनुयायियों में चिंता का माहौल बन गया. हालांकि वीडियो संदेश के माध्यम से महंत द्वारा स्वास्थ्य ठीक होने की जानकारी देने के बाद भक्तों को कुछ राहत मिली है. घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता अक्षय कर्डिले और विधायक मोनिका राजले ने अस्पताल पहुंचकर महंत की कुशलक्षेम पूछी. उन्होंने भक्तों से अफवाहों पर विश्वास न करने और संयम बनाए रखने की अपील की.
बताया जाता है कि महंत आदिनाथ महाराज शास्त्री का बीड और आसपास के क्षेत्रों में बड़ा भक्त परिवार है. उनके शांत और संयमी स्वभाव के कारण इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं, जबकि गढ़ परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.





