
बीड /दि.2– राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कुछ दिन पहले राज्य के किसानों से 31 मार्च से पहले फसल कर्ज भरने का आवाहन किया था और उस समय राज्य की आर्थिक स्थिति का हवाला भी दिया था. जिसके बाद विरोधकों ने अजीत पवार के बयान की जमकर आलोचना की थी. जिस पर पलटवार करते हुए डेप्युटी सीएम अजीत पवार ने कहा कि, किसान कर्जमाफी का उल्लेख भले ही चुनावी घोषणा पत्र में किया गया है. लेकिन उन्होंने अपने किसी भी भाषण में इसे लेकर कभी कुछ नहीं कहा. इसके साथ ही अजीत पवार ने लाडली बहनों को 2100 रुपए प्रति माह दिए जाने की घोषणा का विपक्ष द्वारा मजाक उडाए जाने को लेकर कहा कि, हमारी सरकार ने इस योजना को शुरु किया है और हम अपनी लाडली बहनों को प्रति माह 1500 रुपए दे रहे है. साथ ही जब राज्य की आर्थिक स्थिति सुधरेगी तो उस समय के अनुरुप निर्णय लिया जाएगा.
आर्थिक अनुशासन को बेहद जरुरी बताते हुए डेप्युटी सीएम अजीत पवार ने कहा कि, पैसों को लेकर कोई नाटक नहीं किया जा सकता. इस समय राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. अत: सरकार द्वारा किसानों को फिलहाल कर्जमाफी नहीं दी जा सकती. यही वजह है कि, उन्होंने किसानों से 31 मार्च से पहले अपने फसल कर्ज की अदायगी करने का आवाहन किया था. जिसे लेकर विपक्ष द्वारा बिना वजह की राजनीति की जा रही है.