दुग्धपूर्णा के लजीज शेक की कल से मेजबानी
बालकिसन पांडेय परिवार का सफल प्रतिष्ठान

* गर्मियों में अमरावतीवासियों का पसंदीदा स्थल
* स्वयं सीएम फडणवीस रहे हैं मुरीद
अमरावती/दि.4 – अमरावतीवासियों को गर्मियों की आहट तेज होते ही जिस पेय की आतुरता से प्रतीक्षा रहती है, वह दुग्धपूर्णा के लजीज पाइनापल, चीकू, मैंगो शेक की मेजबानी कल रंगपंचमी अर्थात 5 मार्च से प्रारंभ हो रही है. समस्त अमरावतीवासी बालकिसन पांडेय परिवार के शीतपेयों को वर्षों से पसंद करता आ रहा है. अमरावती के कई गणमान्य राजनेता, नेता, संस्थाओं के बडे पदाधिकारी, खेल, कला और साहित्य जगत की हस्तियां ‘दुग्धपूर्णा’ के शेक और लस्सी, आइस्क्रीम की बडी मुरीद रही है. उसी प्रकार प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी युवावस्था में अपने मामा के साथ ‘दुग्धपूर्णा’ के शेक चख चुके हैं. उसकी प्रशंसा कर चुके हैं. अमरावती आने वाले अनेक मेहमान भी गर्मियों में ‘दुग्धपूर्णा’ का शेक अवश्य पीते हैं.
* 65 वर्षों से सेवा
राजकमल चौक पर टॉकीज के ठीक बगल में ‘दुग्धपूर्णा’ की सेवा आज से 65 वर्ष पूर्व प्रारंभ की गई थी. यह जानकारी देते हुए संचालक और अंबानगरी के प्रसिद्ध समाजसेवी बालकिसन पांडेय बताते हैं कि, अमरावती के लोगों ने बडा सहयोग किया. ‘दुग्धपूर्णा’ के नाम के अनुरुप सभी शीतपेय, शेक, आइस्क्रीम, लस्सी को पसंद किया. जिससे साढे 6 दशकों से लगातार यह सेवा शुरु है. उन्होंने बताया कि, अमरावती के लोगों को गर्मियां शुरु होने का आभास ‘दुग्धपूर्णा’ के शेक शुरु होने के साथ होता है. उनके कई रेगुलर कस्टमर यह बात बोलकर बताते हैं. इसलिए पांडेय परिवार भी अपनी शीतपेयों की सेवा पूरे चाव और उत्साह से देते आये हैं.
* वीरेंद्र और लाभेश भी बनाते शेक
‘दुग्धपूर्णा’ में वैसे तो दर्जनों कर्मचारी, कारीगर है. किंतु शीतपेय, शेक तैयार करने का काम स्वयं बालकिसन पांडेय करते हैं. उन्होंने बताया कि, उनके अलावा परिवार के लाभेश और वीरेंद्र यह शेक तैयार करते हैं. इसमें स्वाद और स्वच्छता की पूरी सावधानी बरती जाती है. फलों का चयन से लेकर दूध और मलाई क्वालिटी ली जाती है. तब जाकर सभी की पसंद पर पाइनापल शेक खरा उतरता है. शेक के साथ मलाई देने का ‘दुग्धपूर्णा’ का अपना अंदाज है. इसी प्रकार रस भरे पाइनापल का टुकडा भी दिया जाता है. लोग वह टुकडा सर्वप्रथम खाकर शेक पीने का मूड बनाते हैं.
* यह शेक बडे लोकप्रिय
‘दुग्धपूर्णा’ के पाइनापल शेक के अलावा ड्रायफ्रूट शेक, मैंगो और चीकू शेक के साथ ही लस्सी, आइस्क्रीम भी स्वयं तैयार करते हैं. इसके कारण अमरावती और आसपास के नगरों-गांवों के लोग भी बडे पसंद करते हैं. चाव से स्वाद लेकर शेक पीते हैं. गर्मियों में कई परिवार और उनके यहां आये गेस्ट भी शौक से ‘दुग्धपूर्णा’ का शेक पीने आते हैं. जितने दिन यहां ठहराव होता है, शाम के समय उन लोगों के कदम बरबस राजकमल चौक पर ‘दुग्धपूर्णा’ की ओर चले आते हैं.
* गणमान्यों ने पिया और सराहा
बालकिसन पांडेय ने बताया कि, अमरावती कला जगत के लिए प्रसिद्ध है. यहां की साहित्य, कला, जगत की सभी हस्तियां ‘दुग्धपूर्णा’ के पेय पसंद करती आयी है. उसी प्रकार राजनेताओं, पदाधिकारियों ने भी ‘दुग्धपूर्णा’ के पाइनापल शेक को बेजोड बताया है. स्वाद का शब्दों में वर्णन नहीं कर पाने की बात मान्यवरों ने शेक पीने के बाद की है. उनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का समावेश है. फडणवीस लडकपन में अपने मामा मोहन कलोती (अब दिवंगत) के साथ ‘दुग्धपूर्णा’ पधारे थे. वहीं शहर के प्रथम महापौर डॉ. देवीसिंह शेखावत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहे माणिकराव ठाकरे, अमरावती के पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख, रावसाहब शेखावत, रवि राणा, नवनीत राणा भी ‘दुग्धपूर्णा’ के पाइनापल शेक का स्वाद लेने के साथ सराह चुके हैं. पूर्व मंत्री गोवर्धन शर्मा अकोला, मराठी कविवर सुरेश भट, उपन्यासकार उद्धव शेलके और साहित्य क्षेत्र के कई मान्यवर ‘दुग्धपूर्णा’ के कुलीन ग्राहक रहे हैं. यहां के शेक और आइस्क्रीम को पसंद करते हैं.
* बहन-बेटियां आती
बालकिसन पांडेय बताते हैं कि, अमरावती से परिणीत होकर बाहर गई बहन-बेटियां भी यहां आने पर पाइनापल शेक का स्वाद जरुर चखती है. गर्मियों में इन लोगों का मायके आना होता है. ऐसे में अपने बचपन के दिन अपने बच्चों के संग याद करते हुए ‘दुग्धपूर्णा’ का शेक अवश्य चखते हैं. कल रंगपंचमी 5 मार्च से ‘दुग्धपूर्णा’ प्रारंभ होने जा रहा है. लोगों को नाम सुनते ही अभी से पाइनापल शेक, मैंगो शेक, चीकू शेक का स्वाद याद कर मूंह में पानी आ रहा है.





