निबंधक और उपनिबंधक के खिलाफ अब तक नहीं हुई कार्रवाई

खुलासा होने के बाद भी फाईल आगे नहीं बढी

* मार्च महिना शुरू होने के बाद भी कोई पहल नहीं
अमरावती/दि.10 – अमरावती मनपा के स्वास्थ्य विभाग में सामने आए फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र मामले में जांच रिपोर्ट आने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से सवाल उठने लगे हैं. जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
जानकारी के अनुसार इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के रजिस्ट्रार डॉ. विशाल काले और उपनिबंधक डॉ. प्रतिभा आत्राम को 20 जनवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. दोनों अधिकारियों ने नोटिस का जवाब भी प्रशासन को सौंप दिया है. मनपा के सामान्य प्रशासन विभाग के अधिवक्ता श्रीकांतसिंह चव्हाण के अनुसार दोनों अधिकारियों की ओर से स्पष्टीकरण प्राप्त हो चुका है और अब इस मामले में अंतिम निर्णय आयुक्त स्तर पर लिया जाना है. इसके लिए फाइल आगे की कार्रवाई हेतु आयुक्त कार्यालय को भेज दी गई है. सूत्रों के अनुसार संबंधित अधिकारियों ने अपने जवाब में आरोपों से इनकार किया है. हालांकि नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में विभागीय जांच या निलंबन जैसी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिलहाल यह मामला आयुक्त कार्यालय में लंबित बताया जा रहा है.

* जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया
जांच में सामने आया है कि कुल 1488 प्रमाणपत्रों में से 112 प्रमाणपत्र संदिग्ध तरीके से जारी किए गए थे. जन्म-मृत्यु पंजीकरण की पूरी जिम्मेदारी मुख्य निबंधक के रूप में डॉ. विशाल काले पर होती है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपनिबंधक डॉ. प्रतिभा आत्राम को यह जिम्मेदारी सरकार की अनुमति के बिना सौंपी गई थी, जबकि नियमों के अनुसार उप-रजिस्ट्रार की नियुक्ति के लिए सरकारी स्वीकृति आवश्यक होती है.
इसके अलावा 24 अक्टूबर 2024 को जारी आदेश को भी भ्रामक बताया गया है, जो मृत्यु रिकॉर्ड में सुधार से संबंधित था. जांच में यह भी सामने आया कि जन्म पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान निबंधक के मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होने की व्यवस्था है, जिससे प्रक्रिया की निगरानी की जा सकती है. फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय आयुक्त स्तर पर लंबित है, जबकि नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है.

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