चुनाव पूर्व गठबंधनों पर नहीं लगेगी रोक
प्री पोल गठबंधनों पर प्रतिबंध की मांग खारिज

* मद्रास हाई कोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
नागपुर/चेन्नई/दि.19 – मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच होने वाले गठबंधनों (प्री-पोल अलायंस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक दलों को प्री-पोल गठबंधन करने से रोकने के लिए भारत के निर्वाचन आयोग को निर्देश देना अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.
* क्या थी याचिका?
याचिकाकर्ता आर. विश्वनाथन ने तर्क दिया था कि प्री-पोल गठबंधन लोकतंत्र के हित में नहीं होते. ये अक्सर स्वार्थपूर्ण होते हैं और विचारधारा से जुड़े नहीं होते. इससे छोटे दलों को नुकसान होता है. मतदाताओं के विकल्प सीमित हो जाते हैं. उन्होंने अदालत से ऐसे गठबंधनों पर प्रतिबंध लगाने और चुनाव आयोग को दिशा-निर्देश देने की मांग की थी.
* अदालत का क्या कहना है?
हाई कोर्ट ने कहा कि, इस तरह का निर्देश देना न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर है. पहले भी इसी तरह की याचिका खारिज की जा चुकी है. याचिका में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं पाया गया. इसलिए अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया. अदालत के इस फैसले से स्पष्ट है कि भारत में चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन करना कानूनी रूप से मान्य राजनीतिक प्रक्रिया है, और इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय न्यायपालिका नहीं, बल्कि नीति या कानून के स्तर पर ही लिया जा सकता है.





