मेलघाट के जंगल में अब अकेला शेर नहीं, प्रहार के शेर भी घूमेंगे
प्रहार पार्टी के मुखिया व पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने भरी हुंकार

* हर दो महीने में होगा मेलघाट का दौरा करने की बात कही
* आदिवासियों के अन्याय पर सख्त कार्रवाई की दी चेतावनी
चिखलदरा/दि.11 – मेलघाट के आदिवासी समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता एवं विधायक बच्चू कडू द्वारा निकाली गई 250 किलोमीटर लंबी ‘मेलघाट संघर्ष पदयात्रा’ का समापन दोदिन पूर्व चिखलदरा के आईटीआई मैदान में विशाल जनसभा के साथ हुआ. इस सभा में हजारों की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष और कार्यकर्ता अकोला, अमरावती, यवतमाल, परभनी, अहिल्यानगर, वाशिम, गडचिरोली तथा मराठवाड़ा के विभिन्न गांवों से पहुंचे. सभा के दौरान मंच से आदिवासी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया. लोगों ने बताया कि दशकों से सड़क, पानी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और बालमृत्यु जैसी समस्याएं मेलघाट के आदिवासी क्षेत्र में आज भी गंभीर रूप से बनी हुई हैं.
* 72 गांवों में जाकर सुनी समस्याएं
1 मार्च को सेमाडोह से शुरू हुई यह पदयात्रा हतरू मार्ग, काटकुंभ और सलोना होते हुए लगभग 250 किलोमीटर का सफर तय कर चिखलदरा पहुंची. इस दौरान बच्चू कडू ने मेलघाट के 72 गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को नजदीक से देखा. सभा को संबोधित करते हुए बच्चू कडू भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मेलघाट की स्थिति देखकर मेरे पैरों के जख्म का दर्द भी भूल गया, लेकिन आंखों में आंसू आ गए. यहां के लोगों की पीड़ा, अन्याय और अभाव देखकर मन व्यथित हो गया. इतनी तकलीफ मैंने पहले कभी नहीं देखी.
* अब मेलघाट में प्रहार के शेर घूमेंगे
कडू ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि अब मेलघाट के जंगल में सिर्फ वन्य शेर ही नहीं, बल्कि प्रहार के कार्यकर्ता भी अन्याय के खिलाफ शेर की तरह खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार, शोषण या भ्रष्टाचार किया गया तो पीड़ित सीधे उन्हें फोन करें. उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे हर दो महीने में मेलघाट का दौरा कर समस्याओं की समीक्षा करेंगे.
* विधवा आदिवासी महिला के साथ अन्याय का मामला उठा
सभा के दौरान बच्चू कडू ने बारगव्हान गांव की एक विधवा आदिवासी महिला के साथ हुए अन्याय का मामला मंच से उठाया. महिला के बेटे की ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद वन विभाग ने उसका ट्रैक्टर जब्त कर लिया था और कथित रूप से 50 हजार रुपये भी वसूल लिए थे. कडू ने तत्काल संबंधित थानेदार को मंच पर बुलाकर आधे घंटे के भीतर ट्रैक्टर वापस लाने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि यदि ट्रैक्टर वापस नहीं किया गया तो पूरा मोर्चा पुलिस स्टेशन पहुंचेगा. इसके बाद महिला को ट्रैक्टर वापस मिल गया, हालांकि वसूले गए 50 हजार रुपये अभी तक वापस नहीं मिले हैं.
* मंच से तीखे आरोप, बच्चू कडू ने संयम की अपील की
सभा के दौरान कुछ वक्ताओं ने स्थानीय नेताओं और कांग्रेस पार्टी पर तीखे आरोप लगाए. हालांकि बच्चू कडू ने हस्तक्षेप करते हुए सभी से व्यक्तिगत आरोपों से बचने की अपील की और कहा कि यह राजनीतिक मंच नहीं बल्कि संघर्ष का मंच है, जहां आदिवासियों के हक और अधिकारों की बात की जा रही है.
* महिला दिवस पर भी उठा सवाल
सभा में कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिस क्षेत्र की महिलाएं गर्भावस्था में भी सुबह चार बजे उठकर कई किलोमीटर दूर जंगल से पानी लाने को मजबूर हैं, वहां महिला दिवस मनाने का क्या अर्थ है. उन्होंने कहा कि मेलघाट की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए मुंबई में बैठे नेताओं और अधिकारियों को यहां आना चाहिए.
* मंत्री उदय सामंत ने दिया समाधान का भरोसा
सभा में राज्य के मंत्री उदय सामंत भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के निर्णय में बच्चू कडू के संघर्ष का बड़ा योगदान है और इसका श्रेय उन्हें ही जाता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मेलघाट की सभी समस्याओं पर गंभीरता से निर्णय लिया जाएगा.
* उपमुख्यमंत्री शिंदे का फोन
सभा के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का फोन भी आया, जिसे मंच से सभी को सुनाया गया. शिंदे ने बच्चू कडू को जय महाराष्ट्र कहते हुए उनकी पदयात्रा की सराहना की और कहा कि यह यात्रा व्यर्थ नहीं जाएगी. उन्होंने जल्द बैठक बुलाकर मेलघाट की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया.
* संघर्ष यात्रा से जगी नई उम्मीद
कुल मिलाकर पिछले 75 वर्षों से उपेक्षा और समस्याओं से जूझ रहे मेलघाट के आदिवासी क्षेत्र में बच्चू कडू की इस संघर्ष यात्रा ने नई उम्मीद जगाई है. पहली बार मेलघाट के मुद्दे इतने व्यापक रूप से उठकर मुंबई मंत्रालय तक पहुंचे हैं. सभा में बच्चू कडू ने कहा कि यदि इस संघर्ष के परिणामस्वरूप मेलघाट के लोगों की समस्याओं में 50 प्रतिशत भी सुधार होता है तो यह यात्रा सफल मानी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रहार के कार्यकर्ता पूरे मेलघाट में सक्रिय रहकर आदिवासी समाज के साथ हो रहे अन्याय, शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे.