ओवैसी जैसों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए

भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने किया पलटवार

* जनसंख्या वाले बयान पर सियासी संग्राम तेज
* तीखी बयानबाज़ी व आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु
अमरावती/दि.5- जनसंख्या वृद्धि को लेकर दिए गए बयानों के बाद भाजपा की पूर्व सांसद नवनीत राणा और एआईएमआईएम प्रमुख व सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है. दोनों नेताओं के बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है. पूर्व सांसद नवनीत द्वारा इससे पहले दिए गए बयान पर जहां गत रोज अमरावती पहुंचे एमआईएम सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने तल्ख प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि, खुद उनके 6 बजे है और जिसकी जितनी मर्जी हो वह उतने बच्चे पैदा कर सकता है. जिसके बाद भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कहा कि, ओवैसी जैसे लोग इस देश के लिए खतरा है, जिन्हें तुरंत ही पाकिस्तान भेज देना चाहिए.
बता दें कि पूर्व सांसद नवनीत राणा ने हाल ही में हिंदुओं से 3 से 4 बच्चे पैदा करने का आह्वान किया था. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गत रोज अमरावती पहुंचे एमआईएम पार्टी के मुखिया व सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा था कि किसी ने आपको रोका नहीं है. जनसंख्या से जुड़ा मुद्दा धर्म नहीं, आंकड़ों और भविष्य की जरूरतों से जुड़ा है. ओवैसी ने यह भी कहा था कि देश का कुल प्रजनन दर लगातार घट रहा है और मुस्लिम समाज में यह दर सबसे तेज़ी से कम हो रही है. यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में देश में बुज़ुर्गों की संख्या अधिक हो जाएगी. उन्होंने ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता जताई थी.
सांसद ओवैसी की इस प्रतिक्रिया के बाद पूर्व सांसद नवनीत राणा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए. राणा ने कहा कि ओवैसी यह तय करें कि वे संविधान को प्राथमिकता देते हैं या इस्लाम को. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ओवैसी को ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ कहने में आपत्ति होती है. साथ ही उन्होंने अवैध घुसपैठ और जनसंख्या वृद्धि को लेकर पश्चिम बंगाल, मुंबई और असम का उदाहरण देते हुए सवाल खड़े किए. पूर्व सांसद नवनीत राणा ने आगे यह भी कहा कि ओवैसी को भारत माता की जय कहना चाहिए और उन पर नागरिकता को लेकर भी टिप्पणी की. इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं.
सांसद ओवैसी और पूर्व सांसद नवनीत राणा के बीच चल रही इस बयानबाज़ी ने अमरावती सहित राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. जनसंख्या, धर्म और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर बयान अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बनते नजर आ रहे हैं.

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