गैस सिलिंडर वितरण का प्राधान्य तय, जरूरत पड़ी तो केरोसीन भी मिलेगा

अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने विधान परिषद में दी जानकारी

मुंबई/नागपुर/दि.16 – राज्य में एलपीजी गैस की संभावित कमी को देखते हुए सरकार ने गैस सिलिंडर वितरण का प्राधान्यक्रम तय कर दिया है. महाराष्ट्र के अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के बाद शेष गैस का वितरण विभिन्न क्षेत्रों में तय अनुपात के अनुसार किया जाएगा. साथ ही जरूरत पड़ी तो केरोसीन भी मिलेगा.
मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि सबसे पहले घरेलू गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इसके बाद उपलब्ध गैस में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक सेवाओं, श्मशानभूमि तथा अनाथालयों को 100 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा रक्षा क्षेत्र, पुलिस, हवाई सेवा तथा रेलवे स्टेशन के उपहारगृहों को लगभग 70 प्रतिशत प्राथमिकता, जबकि औषधि उद्योग को 50 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जाएगी. भुजबल ने कहा कि राज्य में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए तेल कंपनियों से चर्चा की गई है और उत्पादन को 9 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 11 हजार मीट्रिक टन करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि गैस आपूर्ति की समस्या को कम किया जा सके.
इसके साथ ही मंत्री छगन भुजबल ने यह भी बताया कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार केरोसीन उपलब्ध कराने के विकल्प पर भी विचार कर रही है. पहले न्यायालय के निर्णय के कारण केरोसीन वितरण बंद किया गया था, लेकिन अब परिस्थितियों की जानकारी न्यायालय को देकर इसे सीमित रूप से उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार किया जा रहा है.
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई स्थानों पर गैस सिलिंडर की उपलब्धता पर दबाव देखा जा रहा है. सरकार ने नागरिकों से घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की अपील की है.

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