आवारा कुत्ते के काटने के बाद भयग्रस्त बैंक कर्मी ने की आत्महत्या
रेबीज की आशंका से युवक ने उठाया आत्मघाती कदम

* कल्याण की घटना, सुसाइड नोट पढ़कर हर कोई भावुक
कल्याण /दि.24 – कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका क्षेत्र में एक 30 वर्षीय बैंक कर्मचारी द्वारा आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले एक आवारा कुत्ते के काटने के बाद युवक को रेबीज होने का भय सताने लगा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया. मृतक की पहचान आयेश विश्वनाथ अमीन (30) के रूप में हुई है. वह पिछले आठ वर्षों से ठाणे स्थित एक बैंक शाखा में कार्यरत था और अपने परिवार के साथ सहजीवन सोसायटी में रहता था. कुछ दिन पूर्व तिसगांव नाका इलाके में एक आवारा कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया था. प्राथमिक उपचार के रूप में उसने एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लिया था, लेकिन इसके बाद वह मानसिक रूप से बेहद भयभीत हो गया.
जानकारी के मुताबिक कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद आयेश अमीन को लगने लगा था कि उसे रेबीज हो गया है और उसके लक्षण दिखाई देने लगे हैं. रविवार 22 दिसंबर की शाम घर में कोई नहीं होने पर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें लिखा कि यदि मुझे रेबीज हुआ तो भविष्य में जो कष्ट होगा, वह मेरे वृद्ध माता-पिता और भाई सहन नहीं कर पाएंगे. इसलिए मैं यह कदम उठा रहा हूं. मेरे निधन के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए.
इस घटना के बाद कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या का मुद्दा फिर से सामने आ गया है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में कुत्तों का वावर है. कुत्तों के नसबंदी कार्य का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है, लेकिन इस कार्य में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं. सूचना अधिकार कार्यकर्ता मनोज कुलकर्णी ने भी नसबंदी अभियान पर सवाल उठाए हैं. वहीं स्थानीय नगरसेवक महेश गायकवाड ने केडीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त से मुलाकात कर तत्काल प्रभावी उपाययोजना की मांग की है. फिलहाल कोलसेवाडी पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस घटना से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है.





