दुर्घटना में घायल हुआ था सिध्दार्थ कालपांडे
बडनेरा के युवक के अंगदान से पांच लोगों को नवजीवन

* नागपुर में बनाया गया ग्रीन कॉरीडोर
* परिजनों ने दी अनुमति
नागपुर/ दि. 10 – मेडिकल अस्पताल के ट्रॉमा केयरसेंटर में इलाज के लिए लाए गए एक युवक के ब्रेन डेड होने के बाद उसके अंगदान से 5 मरीजों को नया जीवन मिला है. अमरावती जिले के बडनेरा में 6 दिसंबर को हुई सड़क दुर्घटना में 40 वर्षीय सिद्धार्थ कालपांडे को सिर पर गंभीर चोट लगी थी.
जिसके बाद पहले अमरावती के इर्विन अस्पताल और बाद में एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर सिद्धार्थ को तत्काल नागपुर मेडिकल अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इसके बाद ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ने सिद्धार्थ के परिवार को अंगदान का महत्व समझाया. दुर्घटना में युवा बेटे की ब्रेन डेड की खबर से पूरा परिवार गहरे सदमे में था, लेकिन भारी मन से उन्होंने अपने बेटे के अंगदान का निर्णय लिया ताकि उनका बेटा उनके साथ न होकर दूसरों के जीवन में खुशियां बिखेरता रहे.
आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिद्धार्थ की एक किडनी और दोनों आंखों की कॉर्निया मेडिकल अस्पताल के ही मरीजों को दिया दिया, जबकि दूसरी किडनी कीम्स किंग्सवे अस्पताल में एक मरीज को दी गई, और लीवर न्यू इरा अस्पताल में इलाजरत एक मरीज को प्रदान किया गया.
मृत्यु के बाद भी दूसरों को जीवन देने का परिवार का लिया गया निर्णय प्रेरणादायी है. मेडिकल प्रशासन इस महान कार्य के लिए परिवार का हृदय से धन्यवाद करता है.
– डॉ. अविनाश गावंडे, वैद्यकीय अधीक्षक मेडिकल के अधिष्ठाता
डॉ. राज गजभिये ने कहा, ‘अंगदान के प्रति बढ़ती जागरुकता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के अल्पशिक्षित लोग भी आगे आ रहे हैं. अंगदान प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत है.’





