अब जिला परिषद में हाजिरी को लेकर सख्ती
जारी अक्तूबर माह से मस्टर पूरी तरह अमान्य

केवल बायोमेट्रिक अथवा ‘पगआर्च एसएसएम’ ऐप पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन
नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
अमरावती /दि. 6- जिला परिषद प्रशासन ने कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए हाजिरी को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं. जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी के निर्देशानुसार अक्टूबर 2026 के वेतन से केवल बायोमेट्रिक प्रणाली अथवा ‘पगआर्च एसएसएम’ ऐप पर दर्ज उपस्थिति को ही मान्य माना जाएगा. मस्टर पर दर्ज हाजिरी के आधार पर अब वेतन स्वीकृत नहीं किया जाएगा.
जिला परिषद प्रशासन के संज्ञान में आया है कि जिले के कुछ कार्यालयों में अभी भी मस्टर पर उपस्थिति दर्ज करने की पुरानी पद्धति जारी है. इसके अलावा कुछ मामलों में कर्मचारी मोबाइल ऐप पर उपस्थिति दर्ज कर वास्तविक रूप से कार्यालय में अनुपस्थित रहने की शिकायतें भी सामने आई हैं. इन अनियमितताओं पर अंकुश लगाने तथा कार्यालयीन अनुशासन मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कड़ा निर्णय लिया है.
* हर माह देनी होगी उपस्थिति की प्रमाणित रिपोर्ट
नए आदेश के तहत प्रत्येक कार्यालय प्रमुख को कर्मचारियों की उपस्थिति रिपोर्ट की जांच कर हर माह डीडीओ प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा. उपस्थिति संबंधी नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित कार्यालय प्रमुख तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
* गैरहाजिरी पर होगी वेतन कटौती
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत अनुपस्थिति अथवा उपस्थिति संबंधी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी कर्मचारियों को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ने तथा नियमित डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे.
* जिप, पंस और क्षेत्रीय कार्यालयों में बढ़ेगी निगरानी
इस निर्णय का प्रभाव जिला परिषद मुख्यालय, सभी पंचायत समितियों तथा क्षेत्रीय कार्यालयों पर पड़ेगा. प्रशासन का मानना है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू होने से कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित होगी तथा कार्य संस्कृति में पारदर्शिता आएगी.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी द्वारा उपस्थिति व्यवस्था को लेकर अपनाए गए इस सख्त रुख के बाद जिला परिषद कर्मचारियों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है. कई कर्मचारियों का मानना है कि अब कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक कड़ी हो जाएगी.





