मेरे फोन से 20 हजार ले लो, लेकिन हमें छोड दो
उस’ पीडिता ने खुद को बचाने लगाई थी आर्त पुकार

* फिर भी नराधमों का दिल नहीं पसीजा, मारपीट कर किया दुराचार
* पांचों नराधम अब पुलिस की हिरासत में, 2 अप्रैल तक पीसीआर
अमरावती/दि.31– ‘मेरे गुगल-पे में 15 से 20 हजार रुपए है. आप वो पूरे पैसे ले लो, लेकिन मुझे और मेरे दोस्त को छड दो.’ अपनी जान बचाने के लिए 18 वर्षीय युवती द्वारा की गई इस आर्त पुकार को सुनकर भी ‘उन’ पांच नराधमों का दिल नहीं पसीजा और पैसों की तुलना में उनकी विकृती कहीं अधिक भारी साबित हुई. जिसके चलते एक निष्पाप युवती पर अन्याय व अत्याचार का पहाट टूट पडा और उसे एकतरह से सामूहिक दुराचार का शिकार होना पडा. यह घटना शनिवार की रात चांदुर रेलवे-भानखेडा रोड स्थित जंगल परिसर में घटित हुई. जिसके बारे में जानकारी मिलते ही शहर पुलिस ने अगले 12 घंटों के भीतर पांचों आरोपियों को अपनी हिरासत में लिया तथा अदालत में पेश किया. जहां से अदालत ने उन्हें 2 अप्रैल तक फ्रेजरपुरा पुलिस की पुलिस कस्टडी रिमांड में रखने के आदेश जारी किए.
बता दें कि, विगत शनिवार की रात 8 बजे के आसपास पीडित युवती अपने समवयस्क मित्र के साथ दुपहिया वाहन पर सवार होकर अमरावती की ओर वापिस लौट रही थी. इस दौरान भानखेडा फाटे के पास शिकार की टोह में बैठे पांच आरोपियों ने उनके दुपहिया वाहन का रास्ता रोका और दोनों को अपने साथ जबरन जंगल में ले गए. जहां पर पांचों लोगों ने युवक के साथ जमकर मारपीट करते हुए उसे रस्सी से बांध दिया. इस समय अपनी जान बचाने के लिए उस युवती नेे अपनी पर्स में रखे नगद 120 रुपए उन आरोपियों को देने के साथ ही अपने मोबाइल के ऑनलाइन अकाउंट में रहनेवाले पूरे पैसे भी आरोपियों को देने की तैयारी दर्शायी. लेकिन ऑनलाइन पैसे लेने पर फंस सकने की संभावना को देखते हुए आरोपियों ने आपस में सलाह-मशवीरा करने के बाद ऑनलाइन पैसे लेने से इंकार कर दिया और फिर क्रूरता की सीमा को पार कर डाला.
जानकारी के मुताबिक पकडे गए पांचों आरोपी पेशेवर अपराधी है. जिन पर इससे पहले भी जबरिया लूटपाट के करीब पांच मामले दर्ज है. उन आरोपियों को यह लगा था कि, उनके द्वारा दी गई धमकी और अपनी इज्जत के डर की वजह से उक्त पीडिता पुलिस के पास नहीं जाएगी. जिसके चलते पांचों आरोपी इस घटना को अंजाम देने के बाद रात डेढ बजे के आसपास अपने-अपने घर चले गए थे. जिन्हें पुलिस ने उनके घरों से ही धर दबोचा.
* जंगल में खींचकर ले गया और…
दर्ज शिकायत के मुताबिक उन पांचों आरोपियों में से एक 34 वर्षीय आरोपी उस 18 वर्षीय युवती को अपने साथ जंगल के भीतर खींचकर ले गया और उसे धमकाया कि, यदि उसने चीखपुकार की, तो उसके दोस्त को मारकर वहीं दफन कर दिया जाएगा. साथ ही उसका आपत्तिजनक वीडियो भी वायरल किया जाएगा. यह धमकी देने के साथ ही उस आरोपी ने पीडिता के साथ शारीरिक अत्याचार किया. जिसके बाद पीडिता के लिए जमीन से उठना भी संभव नहीं हो रहा था. उस अवस्था में भी उस आरोपी ने पीडिता के वीडियो निकाले. जिसके बाद उसे उसका मोबाइल और दुपहिया वाहन वापिस किए गए.
* कोर्ट ने भी पुलिस की गोपनीयता को किया स्वीकार
उन पांचों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद फ्रेजरपुरा पुलिस ने उनके चेहरे ढांककर उन्हें अदालत में पेश करने की अनुमति अदालत से मांगी थी. जिसके लिए अदालत को एक लिखित पत्र दिया गया था. जिसे अदालत ने स्वीकार करने के साथ ही एक कदम आगे बढाते हुए यहां तक कहा कि, उन आरोपियों के चेहरों को अदालत में न्यायासन के सामने पेशी के समय भी न खोला जाए, ताकि पहचान परेड तक उन आरोपियों की पहचान उजागर न हो. इस जरिए अदालत ने इस मामले में पुलिस की ओर से बरती जा रही गोपनीयता पर अपनी मुहर लगाई.





