मनपा चुनाव में भाजपा झोंक रही सबसे अधिक ताकत, सबसे ज्यादा कर रही खर्च
प्रचार में उतारा सभी बडे नेताओं को, खुद सीएम फडणवीस कर चुके रोड-शो

* पालकमंत्री बावनकुले पूरा समय डटे हैं शहर में, जगह-जगह कर रहे प्रचार सभाएं
* गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर व विधायक नीतेश राणे सहित आधा दर्जन सांसद व विधायक शहर में
* 126 लोगों की सर्वे टीम भी लगी है काम पर, हर प्रभाग की जमीनी हकीकत पर रखी जा रही नजर
* दो अलग-अलग सर्वे एजेंसी द्वारा सीएमओ व भाजपा कार्यालय को दी जा रही अपनी रिपोर्ट
अमरावती/दि.12 – इस समय महानगर पालिका के चुनाव को लेकर प्रचार की गहमा-गहमी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. जिसके चलते सभी राजनीतिक दलों सहित चुनाव लड रहे प्रत्याशियों द्वारा चुनाव जीतने हेतु अपनी पूरी ताकत को झोंका जा रहा है. विगत 3 जनवरी से शुरु हुए चुनाव प्रचार के दौर को देखते हुए कहा जा सकता है कि, मनपा चुनाव में इस बार भाजपा सबसे अधिक ताकत और संसाधन झोंकती नजर आ रही है. भाजपा ने प्रचार के मोर्चे पर पार्टी के सभी बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं रोड-शो कर चुके हैं, जबकि पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पूरे समय शहर में डटे हुए हैं और लगातार सभाएं व जनसंपर्क कर रहे हैं.
इसके साथ ही भाजपा के प्रचार अभियान को धार देने के लिए गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर, विधायक नीतेश राणे सहित आधा दर्जन से अधिक सांसद व विधायक शहर में सक्रिय हैं. प्रचार की तीव्रता और खर्च के लिहाज़ से भाजपा इस चुनाव में स्पष्ट रूप से पहले स्थान पर मानी जा रही है. भाजपा ने चुनावी रण में पूरी सत्ता मशीनरी झोंक दी है. प्रचार और खर्च-दोनों के मामले में पार्टी अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे निकल चुकी है और चुनावी माहौल में भाजपा की मौजूदगी हर मोर्चे पर दिखाई दे रही है.
इसके साथ ही सबसे खास बात यह भी है कि, चुनाव से पहले दमदार प्रत्याशियों के नामों का चयन करने हेतु जिस तरह भाजपा ने सर्वे टीमों को काम पर लगाया था, ठीक उसी तरह चुनाव प्रचार का दौर शुरु होने के बाद भी भाजपा द्वारा अलग-अलग प्रभागों की जमीनी हकीकत का आकलन करने हेतु दो अलग-अलग सर्वे एजेंसीयों को काम पर लगाया गया है. जिसके चलते इस समय अमरावती शहर में करीब 126 लोगों की टीम द्वारा अलग-अलग प्रभागों में पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति को लेकर सर्वे किया जा रहा है. साथ ही दोनों सर्वे एजेंसीयों द्वारा सीएम देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय सहित भाजपा कार्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजते हुए हर दिन की जानकारी से अपडेट कराया जा रहा है. साथ ही दोनों सर्वे एजेंसीयों की ओर से मिलनेवाली रिपोर्ट के निष्कर्षों का आपस में मिलान करते हुए भाजपा नेताओं द्वारा आगे की रणनीतियां बनाई जा रही है. इन तमाम बातों को देखते हुए कहा जा सकता है कि, भाजपा द्वारा अमरावती महानगर पालिका में अपनी पिछली सफलता को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले की तुलना में ज्यादा बडी सफलता हासिल करने की जबरदस्त तैयारी की गई है. जिसके लिए तमाम संसाधन झोंकते हुए पार्टी से जुडे प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया गया है.

* शिंदे गुट वाली शिवसेना प्रचार के मामले में दूसरे स्थान पर
– खुद पार्टी प्रमुख व डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे की हो चुकी प्रचार सभा
राज्य की महायुति सरकार में शामिल शिंदे गुट वाली शिवसेना भी अमरावती मनपा के चुनाव में अपने अकेले के दम पर जोर आजमाईश कर रही है और पार्टी ने 67 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे है. हालांकि भाजपा की तुलना में प्रचार के मामले में शिंदे गुट वाली शिवसेना दूसरे स्थान पर दिखाई दे रही है. शिंदे सेना के प्रत्याशियों का प्रचार करने हेतु पार्टी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की विगत दिनों ही अमरावती में प्रचार सभा हो चुकी है. इसके अलावा पार्टी द्वारा केंद्रीय राज्यमंत्री प्रताप जाधव तथा राज्य के मंत्री संजय राठोड, उदय सामंत और गुलाबराव पाटिल को भी प्रचार मैदान में उतारा गया है. साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता, पूर्व विधायक अभिजीत अडसूल, महिला नेत्री प्रीति बंड व जिला प्रमुख संतोष बद्रे द्वारा भी अलग-अलग प्रभागों में घुमते हुए पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार किया जा रहा है. इस जरिए शिंदे गुट वाली शिवसेना अमरावती मनपा के चुनाव में इस बार अपना पूरा दमखम दिखाने की कोशिश में है.

* ‘अंडर करंट’ काम कर रही कांग्रेस प्रचार के मामले में तीसरे स्थान पर
– कांग्रेस के सभी स्थानीय नेता अपने-अपने स्तर पर जुटे है काम में
सत्ताधारी दल रहनेवाली भाजपा के लिए सबसे प्रमुख प्रतिद्वंदी रहनेवाली कांग्रेस पार्टी चुनाव प्रचार की तेजी और खर्च के मामले में सतही रुप से तीसरे स्थान पर दिखाई दे रही है. लेकिन कहा जा सकता है कि, पार्टी के भीतर ‘अंडर करंट’ काम कर रहा है. अब तक कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार हेतु कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का केवल एक दौरा हुआ, वहीं कल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की सभा मुस्लिम बहुल क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले एकेडेमिक ग्राउंड पर आयोजित की जा रही है. जिसे अल्पसंख्यक मतदाताओं को साधने की रणनीति के तौर पर देखी जा रही है. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के प्रचार हेतु पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख व एड. यशोमति ठाकुर द्वारा लगातार प्रचार किया जा रहा है. साथ ही साथ पार्टी के सभी स्थानीय पदाधिकारी भी अपने-अपने स्तर पर अपने-अपने प्रभागों में पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार कर रहे है. ऐसे में कहा जा सकता है कि, उपरी तौर पर भले ही कांग्रेस के प्रचार की धमाधूम दिखाई नहीं दे रही, लेकिन मनपा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर हिस्सा ले रहे कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत तथा पूर्व महापौर विलास इंगोले व मिलिंद चिमोटे द्वारा मनपा चुनाव के लिए एक वर्ष पहले से शुरु की गई तैयारियों पर जबरदस्त तरिके से अंदर ही अंदर अमल किया जा रहा है. इसके चलते उपरी तौर पर प्रचार के मामले में ज्यादा पैसा खर्च होता दिखाई नहीं दे रहा. लेकिन अंदर ही अंदर ‘अंडर करंट’ में काम जमकर चल रहा है.

* राकांपा (अजीत पवार) का भी चल रहा नियोजनपूर्ण प्रचार
– खुद डेप्युटी सीएम अजीत पवार का हो चुका दौरा, प्रचार सभा को किया संबोधित
– अब राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक संजय खोडके संभाल रहे प्रचार की पूरी कमान
इसके अलावा राज्य की महायुति सरकार में शामिल रहने के बावजूद मनपा चुनाव को लेकर शुरु से ही ‘एकला चलो’ की भूमिका अपनाते हुए चल रही डेप्युटी सीएम अजीत पवार के नेतृत्ववाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा भी अमरावती मनपा के चुनाव में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्शायी जा रही है. जिसके तहत पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार करने हेतु उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का दौरा पहले ही हो चुका है, जिन्होंने स्थानीय गाडगे नगर परिसर स्थित मैदान पर पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार हेतु सभा को संबोधित किया था. वहीं अब पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक संजय खोडके ने प्रचार की पूरी कमान संभाल ली है. जो बिना शोर-शराबे के नियोजनपूर्ण ढंग से पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार अभियान को आगे बढा रहे है. विशेष उल्लेखनीय है कि, चुनाव की धामधूम के बेहद शुरुआती दौर में ही विधायक संजय खोडके के साथ एक सडक हादसा घटित हो गया था. जिसके चलते वे लंबे समय तक बेडरेस्ट पर थे. लेकिन बिस्तर पर पडे रहने के बावजूद उन्होंने मनपा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के नाम तय करने के साथ ही पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार अभियान का पूरा नियोजन अपनी देखरेख में करना जारी रखा था. जिसके चलते अजीत पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी जबरदस्त तरिके से रेस में बनी हुई है.

* सीमित सीटों पर चुनाव लड रही एमआईएम भी लगा रही जबरदस्त जोर
– एक सप्ताह में सांसद ओवैसी के दो दौरे व तीन प्रचार सभाओं ने बदले समीकरण
विशेष उल्लेखनीय है कि, शहर के केवल मुस्लिम बहुल प्रभागों में अपनी पकड रखनेवाली और केवल अल्पसंख्यक वोटों की राजनीति करनेवाली सांसद असदउद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानि एआईएमआईएम द्वारा भी अमरावती मनपा के चुनाव में जबरदस्त तरिके से अपनी ताकत और संसाधनों को झोंका जा रहा है. यही वजह रही कि, विगत एक सप्ताह के दौरान एमआईएम पार्टी के मुखिया व सांसद असदउद्दीन ओवैसी खुद दो बार अमरावती के दौरे पर पहुंचे. जिसके तहत पहले दौरे में एक पत्रवार्ता को संबोधित करने के साथ ही सांसद ओवैसी ने एकेडेमिक ग्राउंड पर जनसभा को संबोधित किया. वहीं एक ही सप्ताह के भीतर दूसरी बार अमरावती पहुंचकर एकेडेमिक ग्राउंड सहित बडनेरा में एक ही दिन के दौरान दो सभाओं को संबोधित किया. जिसके चलते माना जा रहा है कि, एमआईएम अपनी पिछली सफलता को ध्यान में रखते हुए इस बार मनपा चुनाव को लेकर जबरदस्त तरिके से गंभीरता दिखा रही है. ऐसे में एक ही सप्ताह के दौरान सांसद असदुद्दीन ओवैसी के दो दौरे और तीन सभाओं ने कुछ इलाकों में समीकरण हिला दिए हैं.

* उबाठा शिवसेना व शरद पवार गुट प्रचार में पिछड़े
जहां एक ओर भाजपा, कांग्रेस, अजीत पवार गुट वाली राकांपा व शिंदे सेना सहित एमआईएम जैसी पार्टी द्वारा मनपा चुनाव को लेकर जबरदस्त तरीके से प्रचार करते हुए अपने तमाम नेताओं व पदाधिकारी को अपने प्रत्याशियों के प्रचार हेतु मैदान में उतारा जा रहा है. वहीं दूसरी ओर शिवसेना (उबाठा) तथा शरद पवार गुट वाली राकांपा की मनपा चुनाव में कहीं कोई विशेष उपस्थिति व चर्चा दिखाई एवं सुनाई नहीं दे रही. ऐसे में राज्यस्तर पर पहचान हासिल रखनेवाली ये दोनों पार्टियां अन्य कई छोटे दलों की तरह प्रचार की आक्रामकता और संसाधनों के मामले में काफी पीछे दिखाई दे रही हैं.





