महाराष्ट्र में किसानों की बढती आत्महत्या का मुद्दा लोस में गूंजा
सांसद देशमुख ने किसानों का दर्द बयां किया

नई दिल्ली/दि.19 – महाराष्ट्र में किसानों की बढती आत्महत्या का मुद्दा बुधवार को जोरशोर से गूंजा. यवतमाल-वाशिम से शिवसेना (उध्दव) सांसद संजय देशमुख ने बुधवार को विदर्भ के किसानों के दर्द को प्रभावी तरीके से पेश किया.
लोकसभा मेें कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की सप्लीमेंट्री मांगों पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए देशमुख ने यवतमाल जिले में किसानों की बढती आत्महत्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हर संख्या के पीछे एक बर्बाद परिवार होता है. उन्होंने सिर्फ आंकडों को ही नहीं बल्कि इंसानी दर्द को भी समझने की जरूरत पर जोर दिया. अकेले जनवरी महीने में 22 किसानों की आत्महत्या करने का जिक्र करते हुए उन्होंने स्थिति को गंभीरता से सदन को अवगत कराया. सांसद ने कहा कि किसान कर्ज फसल खराब होने, अस्थिर बाजार कीमतों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण मानसिक तनाव के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं. विदर्भ के लिए एक स्पेशल आर्थिक पैकेज, कर्ज माफी और आय की गारंटी समय की जरूरत हैं. देशमुख ने जंगली जानवरों के हमलों से होने वाली मौतों, घायलों और फसल के नुकसान की गंभीर समस्या की ओर भी सरकार का ध्यान दिलाया. उन्होंने मांग की कि सरकार प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढाई की जिम्मेदारी ले, घायलों और मृतकों के परिवार को अच्छी आर्थिक मदद दे और फसल के नुकसान के लिए सही मुआवजा दें.





