अमरावती में महापौर शिंदे सेना का ही होगा, बहुमत के साथ हासिल करेंगे सत्ता

शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता व मंत्री संजय राठोड ने जताया विश्वास

* चुनाव प्रचार की धामधूम के बीच अमरावती मंडल को दिया विशेष साक्षात्कार
* इस बार अमरावती में शिंदे गुट वाली शिवसेना के लिए स्थिति अनुकुल रहने की बात कही
* भाग-1
अमरावती/दि.11 – अमरावती महानगरपालिका चुनाव में शिंदे गुट वाली शिवसेना पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल करेगी और महापौर भी शिवसेना (शिंदे गुट) का ही बनेगा. यह विश्वास महाराष्ट्र सरकार में मंत्री तथा शिवसेना नेता संजय राठोड ने व्यक्त किया है. चुनाव प्रचार की गहमागहमी के बीच उन्होंने अमरावती मंडल को विशेष साक्षात्कार दिया.
मनपा चुनाव को लेकर चल रही जबरदस्त गहमा-गहमी के बीच शिंदे गुट वाली शिवसेना के प्रत्याशियों का प्रचार करने अमरावती पहुंचे शिवसेना नेता व मंत्री संजय राठोड ने गत रोज अपने व्यस्ततम दौरे में से समय निकालकर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ शिंदे सेना के प्रचार अभियान को लेकर तसल्लीबख्श अंदाज में बातचीत की. इस समय मंत्री संजय राठोड ने कहा कि इस बार अमरावती की राजनीतिक परिस्थिति शिंदे गुट वाली शिवसेना के लिए पूरी तरह अनुकूल है. जनता ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों पर भरोसा जताया है और उसी का असर चुनाव परिणामों में दिखाई देगा. उन्होंने बताया कि शहर के प्रत्येक प्रभाग में शिवसेना कार्यकर्ता सक्रियता से जनसंपर्क कर रहे हैं. आम नागरिकों से मिल रहा सकारात्मक प्रतिसाद यह संकेत देता है कि मतदाता स्थिर सरकार और विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं.
इस बातचीत के दौरान मंत्री संजय राठोड ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता. विकास, पारदर्शिता और प्रशासनिक स्थिरता ही इस चुनाव का मुख्य मुद्दा है और इन्हीं मुद्दों पर शिंदे गुट वाली शिवसेना जनता के बीच जा रही है. उन्होंने विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने वालों ने केवल राजनीति की, विकास नहीं. जनता ने उनका असली चेहरा पहचान लिया है और अब नगर की कमान ऐसे नेतृत्व को सौंपने का मन बना लिया है जो निर्णय ले सके और परिणाम दे सके.
साथ ही उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम शिवसेना (शिंदे गुट) के पक्ष में आएंगे और अमरावती महानगरपालिका में स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता स्थापित होगी, क्योंकि हर प्रभाग से मिल रहा उत्साहजनक जनसमर्थन यह साफ संकेत देता है कि अमरावती में शिवसेना (शिंदे गुट) की जीत तय है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि स्थिरता बनाम अराजकता का है. जिसके चलते इस बार के चुनाव में जनता निश्चित रुप से स्थिरता के लिए शिंदे गुट वाली शिवसेना के प्रत्याशियों को ही अधिक से अधिक सीटों पर पार्षद चुननेवाली है.
इस बातचीत के दौरान मंत्री संजय राठोड ने यह भी कहा कि, उनकी पार्टी के मुखिया व राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की विगत दिनों हुई प्रचार सभा के बाद अमरावती मनपा क्षेत्र में मतदाताओं का रुझान शिंदे गुट वाली शिवसेना की ओर बढा है. जिसके सार्थक परिणाम आनेवाले दिनों में निश्चित ही दिखाई देंगे. इसके साथ ही मंत्री संजय राठोड ने यह भी कहा कि, चूंकि इस समय राज्य के सत्ताधारी महायुति में शिंदे गुट वाली शिवसेना भी शामिल है और उपमुख्यमंत्री रहनेवाले पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे के पास नगर विकास व गृह निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय भी है. इस बात का फायदा निश्चित तौर पर अमरावती महानगर पालिका में शिवसेना की सत्ता आने के बाद दिखाई देगा, यह बात अमरावती की जनता को भलीभाती पता है.
इसके अलावा मनपा चुनाव को लेकर भाजपा के साथ युति करने के बारे में नामांकन प्रक्रिया का समय समाप्त होने तक चली खींचतान के बारे में पूछे गए सवाल पर मंत्री संजय राठोड ने कहा कि, हमने अपनी सर्वे रिपोर्ट के बाद भाजपा से युति के तहत 30 सीटें मांगी थी और बातचीत के बाद हम 23 सीटों पर समझौता करने के लिए भी तैयार हो गए थे, परंतु भाजपा के नेता व स्थानीय पदाधिकारी शिंदे सेना को 15-16 से ज्यादा सीटें देने के लिए तैयार ही नहीं थे. इसमें भी कुछ सीटें ऐसी थी, जिन पर दोनों पार्टियों का दावा था. जिसके चलते काफी कोशिशों के बाद भी युति को लेकर बात नहीं बन पाई. इसका एक अच्छा परिणाम यह भी हुआ कि, शिंदे गुट वाली शिवसेना ने इसके बाद 67 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए. जिसके चलते आज सभी प्रभागों में शिंदे गुट वाली शिवसेना की सशक्त उपस्थिति है और कई सीटों पर पार्टी प्रत्याशी मुख्य प्रतिस्पर्धी माने जा रहे है.
इस बार अमरावती मनपा के चुनाव में शिंदे गुट वाली शिवसेना का मुकाबला मुख्य तौर पर किस राजनीतिक दल के साथ है, यह सवाल पूछे जाने पर मंत्री संजय राठोड ने कहा कि, हम इधर-उधर ध्यान देने की बजाए अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए काम कर रहे है. साथ ही ध्यान देनेवाली बात यह भी है कि, सभी राजनीतिक दलों द्वारा अपना मुख्य मुकाबला शिंदे गुट वाली शिवसेना के साथ रहने की बात कही जा रही है. जिसे ध्यान में रखते हुए सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि, शिंदे गुट वाली शिवसेना ही इस समय अमरावती मनपा के चुनाव में सभी पार्टियों के लिए सबसे प्रमुख प्रतिद्वंदी दल है. यह स्थिति अपने-आप में काफी कुछ बयान कर देती है.

Back to top button