प्रचार सामग्री पर प्रकाशक का नाम जरूरी

संख्या भी बतानी होगी, एक कॉपी करानी होगी जमा

अमरावती/दि.31 -महापालिका चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पश्चात अब प्रचार का दौर शुरू होनेवाला है. ऐसे में चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी पोस्टर, बैनर और पत्रक प्रकाशित करने पर प्रकाशक का नाम और प्रतिसंख्या दर्ज करनी होगी. उसी प्रकार मुद्रीत सामग्री की कॉपी चुनाव विभाग को जमा करना आवश्यक हैं. प्रभाग निहाय तय कार्यालय में उक्त प्रति जमा करानी होगी.
चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ कडी कार्रवाई की चेतावनी चुनाव प्रशासन ने दी है. प्रचार के लिए उपयोग की जानेवाली प्रत्येक मुद्रीत सामग्री पर मुद्रक अर्थात प्रिंटर और प्रकाशक का नाम, साथ ही छपी हुई प्रतियों की संख्या दर्ज करना कानूनन बंधनकारक है. नियमों का पालन न करनेवालों पर सीधे कार्रवाई होगी. केवल उम्मीदवार ही नहीं तो संबंधित प्रिटिंग प्रेस के संचालक भी कार्रवाई की चपेट में आ सकते है. इसलिए चुनाव प्रचार की सभी परचियो, पोस्टर, बैनर, पुस्तिकाएं सभी सामग्री पर यह स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए की छपाई किस प्रेस में हुई है. किसने इसे प्रकाशित किया है. कुल कितनी प्रतिया छापी गई हैं.
सीधे अ‍ॅक्शन के अधिकार
प्रचारक के नाम पर अफवाह, भ्रामक जानकारी या मानहानी कारक विषय वस्तु का प्रचार, प्रचार न हो इसके लिए चुनाव आयोग ने मुद्रीत सामग्री के नियमों को सख्ती से लागू किया है. जाति-धर्म के आधार पर मतभेद फैलाने, सामाजिक तनाव उत्पन्न करने या विरोधियों की बदनामी करनेवाली किसी भी सामग्री की छपाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है, ऐसा करते पाए जाने पर सिधे अ‍ॅक्शन ली जाएगी. आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित शिकायते लोग सिधे चुनाव अधिकारी, सहायक चुनाव अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय में कर सकते हैं. मोबाईल अ‍ॅप के माध्यम से भी प्रचार सामग्री से जुडी शिकायत दी जा सकती है. चुनाव आयोग ने प्रचार सामग्री की विषय वस्तु को लेकर कडा रवैया अपना रखा है.

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