दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास

2021 का रोहित उर्फ लखन कांबले हत्याकांड

अकोला/ दि.9 – वष 2021 के बहुचर्चित हत्याकांडो में से एक रोहित उर्फ लखन कांबले हत्याकांड के आरोपी अकोट फैल के साधना चौक निवासी 22 वर्षीय ऋषिकेश नटवर संजय और अकोट फैल के अशोक नगर में रहनेवाले 24 वर्षीय वैभव प्रेमराज भंडारी के खिलाफ सामने आए ठोस सबूतों के आधारपर उन्हें तत्कालीन धारा 302 में दोषी ठहराया गया है. इसी के तहत उन्हें सश्रम आजीव कारावास की सजा सुनाई गई है. सजा का यह आदेश प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस. बी. कचरे की अदालत में गुरूवार 8 जनवरी को दिया हैं. इसी के साथ उन्हें पांच- पांच हजार रूपए जुर्माना भी सुनाया गया. जिसे अदा नहीं करने पर अतिरिक्त 3 महीने की सख्त कैद का प्रावधान आदेश में हैं.
जिला न्यायालय के सूत्रों के अनुसार 13 दिसंबर 2021 को सिविल लाइन थाना अंतर्गत आनेवाली दुबे वाडी के जगजीवनराम नगर में रहनेवाले पंकज विजय मिश्रा ने रपट में बताया था कि जब वह न्यू इंग्लिश हाईस्कूल में कक्षा दसवीं का छात्र था, तब पवन शिंदे ने एक बच्चे की साइकिल चोरी की थी, उसका नाम शाला के शिक्षक को बताया गया था. तब से पवन शिंदे उसे (पंकज मिश्रा) को देख लेने की धमकिया देता आ रहा था. इतना ही नहीं उसने यह कहते हुए उसके साथ मारपीट की थी कि उसे शिक्षक को उसका नाम बताया था.
इसके बाद 12 दिसंबर को वह (पंकज मिश्रा) और उसका मित्र मृतक, रोहित उर्फ लखन कांबले, मंगलम मंगल कार्यालय में आयोजित एक विवाह की बारात में जा रहे थे. तभी पवन शिंदे और उसके मित्रों में सोहम नृपनारायण, ऋषिकेश नटवर संजय एवं वैभव प्रेमराज भंडारी ने उन्हें बारात से बाहर खींचते हुए विवाद किया था. तब मृतक रोहित उर्फ लखन कांबले ने विवाद सुलझा दिया तथा रात 9.15से 9.45 बजे के दौरान बारात के मंगलम मंगल कार्यालय पहुंचने पर वे सभी फिर से कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक रोहित उर्फ कांबले के साथ मारपीट की.
इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने उनक ेपास मौजूद चाकू को रोहित के पेट में घोंप दिया था. लहूलुहान रोहित जमीन पर गिर गया. उसे तत्काल मोटर साइकिल से अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया. इसी रपट के आधार पर सिविल इान पुलिस ने तत्कालीन भादंवि की धारा 302, 34 के तहत अपराध दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय मे ंदाखिल किया था.
मामले की पडताल, सिविल लाइन थाना के तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक पंकज वी. कांबले ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था. मामले की सुनवाई के दौरान 7 गवाहों के बयानों की जांच की गई. जिसमें आरोपी ऋषिकेश नटवर, संजय एवं वैभव प्रेमराज भंडारी के खिलाफ सामने आए ठोस सबूतों के आधार पर उन्हें उपर्युक्त सजा का आदेश हुआ. इस मामले में सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील अधि. श्याम खोटरे ने पैरवी की, जिन्हें पैरवी अधिकारी एएसआई उकंडा जाधव एवं गावंडे ने सहयोग किया.

 

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