अमरावती में तीन नए पुलिस थानों का प्रस्ताव कब मंजूर होगा?
विधायक सुलभा खोडके ने विधानसभा में उठाई मांग

* नई पुलिस कॉलोनी और सीसीटीवी कैमरों के प्रस्ताव पर भी सरकार से पूछा सवाल
मुंबई/अमरावती/दि.14 – अमरावती शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तीन नए पुलिस थानों की स्थापना के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की मांग विधायक सुलभा खोडके ने विधानसभा में उठाई. उन्होंने सरकार से पूछा कि अमरावती पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत प्रस्तावित तपोवन, साईनगर और एमआईडीसी पुलिस थानों के प्रस्ताव को आखिर कब मंजूरी दी जाएगी.
विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान विधायक सुलभा खोडके ने कहा कि अमरावती शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है और जनसंख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में अपराध पर नियंत्रण रखने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि गाडगे नगर और नांदगांव पेठ पुलिस थानों का विभाजन कर नया तपोवन पुलिस स्टेशन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. इसी तरह राजापेठ और बडनेरा पुलिस थानों का विभाजन कर साई नगर पुलिस स्टेशन तथा फ्रेजरपुरा और राजापेठ क्षेत्र में बढ़ती आबादी को देखते हुए एमआईडीसी पुलिस स्टेशन स्थापित करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है.
विधायक खोडके ने कहा कि शहर में सुरक्षा के दृष्टिकोण से विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है. उन्होंने मांग की कि इसी अधिवेशन में इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर इसके लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने यह भी बताया कि शहर में पुलिस कर्मचारियों की कई कॉलोनियां काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं. ऐसे में पुलिस कर्मियों के लिए नई और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय क्वार्टर का निर्माण करना आवश्यक है. इसके लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है.
* एमडी ड्रग्स तस्करी पर जताई चिंता
विधायक खोडके ने अमरावती में बढ़ती एमडी ड्रग्स तस्करी को लेकर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में इस मामले में अधिकांश कार्रवाई अपराध शाखा द्वारा की गई है, जिससे स्थानीय पुलिस थानों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार एमडी ड्रग्स तस्करी के मामलों में कार्रवाई के अधिकार मुख्य रूप से अपराध शाखा को दिए गए हैं, जिसके कारण स्थानीय पुलिस थाने सीधे कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमरावती शहर अंतरराष्ट्रीय एमडी ड्रग्स तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है, इसलिए इस पर नियंत्रण के लिए अपराध शाखा के साथ-साथ स्थानीय पुलिस थानों द्वारा भी अधिक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है.
* भुयारी गटर योजना पर मंत्रालय स्तर की बैठक की मांग
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक सुलभाताई खोडके ने अमरावती शहर की भुयारी गटर (अंडरग्राउंड सीवरेज) योजना का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि शहर में मल-निस्सारण और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि यह योजना पिछले लगभग 28 वर्षों से धन की कमी के कारण अधूरी पड़ी हुई है. अमरावती महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मनपा अपना हिस्सा देने में सक्षम नहीं है. वर्तमान में इस योजना का संशोधित प्रारूप लगभग 2,500 करोड़ रुपये का हो गया है. विधायक खोडके ने सरकार से मांग की कि अमरावती शहर की स्वच्छता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस योजना पर मंत्रालय स्तर पर बैठक आयोजित कर 2,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आराखड़े को जल्द मंजूरी दी जाए.





