किस कैटेगिरी से होगा मनपा का नया महापौर, कल स्पष्ट होगी स्थिति
अमरावती सहित राज्य की 29 मनपा के महापौर पद के आरक्षण का ड्रॉ कल

* सभी की निगाहें टिकी मुंबई मंत्रालय में होने जा रहे आरक्षण के ड्रॉ पर
* रोटेशनल पद्धति से तय होगा आरक्षण, सत्ता समीकरण बदलने की संभावना
अमरावती/मुंबई /दि.21- राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में महापौर पद का आरक्षण तय करने के लिए गुरुवार को मंत्रालय में लॉटरी निकाली जाएगी. नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल की अध्यक्षता में यह प्रक्रिया संपन्न होगी. जैसे ही महापौर पद का आरक्षण तय होगा, विभिन्न महानगरपालिकाओं में महापौर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और सत्ता स्थापना की राजनीतिक गतिविधियों को तेज गति मिलेगी. इसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि, राज्य की किस महानगर पालिका में किस कैटेगिरी यानि संवर्ग से वास्ता रखनेवाले पार्षदों को महापौर पद का चुनाव लडने का मौका मिलने जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि, इस बार महापौर पद का आरक्षण नई लॉटरी से नहीं, बल्कि चक्राकार (रोटेशनल/सर्क्युलर) पद्धति से तय किए जाने की संभावना जताई जा रही है. इसका अर्थ है कि पिछली बार जिस वर्ग को महापौर पद मिला था, उसी वर्ग को दोबारा मौका नहीं मिलेगा, बल्कि अन्य वर्गों को अवसर दिया जाएगा. ऐसे में अमरावती महानगर पालिका में अब तक के महापौर पद के आरक्षण और रोटेशन को ध्यान में रखते हुए इस बार महापौर पद सामान्य वर्ग की महिला संवर्ग के लिए आरक्षित रहने की प्रबल संभावना है. इस राजनीतिक संभावना के चलतेे अमरावती सहित कई शहरों में सत्ता समीकरण बदल सकते हैं.
* क्या है चक्राकार (रोटेशनल) पद्धति?
महापौर पद का आरक्षण हर कार्यकाल में घूमता रहता है. पिछले 20 वर्षों में जिन वर्गों को महापौर पद मिल चुका है, उन्हें छोड़कर अन्य वर्गों की चिट्ठियां लॉटरी में डाली जाती हैं. यदि पिछला महापौर सामान्य वर्ग से रहा हो, तो अगली बार उस वर्ग पर विचार नहीं किया जाता. इसके अलावा एससी, एसटी, ओबीसी, महिला जैसे वर्गों को क्रमशः अवसर दिया जाता है. इससे सभी सामाजिक वर्गों को समान अवसर मिलते हैं और आरक्षण व्यवस्था संतुलित बनी रहती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महापौर पद ओबीसी, एससी, एसटी या महिला वर्ग के लिए आरक्षित होता है, तो कई महानगरपालिकाओं में सत्ता संतुलन बदल सकता है. इससे नए चेहरे उभरेंगे और स्थानीय राजनीति को नई दिशा मिलेगी. ऐसे में गुरुवार को होने वाली यह लॉटरी केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम कदम मानी जा रही है.
* राजनीतिक दलों की तैयारी तेज
मनपा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद सभी निर्वाचित पार्षदों के नाम राजपत्र में प्रकाशित हो चुके हैं. साथ ही सभी राजनीतिक दल अब अपने क्षेत्र संबंधित संभागीय आयुक्त कार्यालयों में अपने-अपने पार्षदों सहित अपने साथ आनेवाले गटों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. हालांकि महापौर कौन बनेगा, इस पर चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन उससे पहले यह तय होना जरूरी है कि महापौर पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा. इसी के आधार पर राजनीतिक दल अपने उम्मीदवार तय करेंगे और गठबंधन की रणनीति बनाएंगे.
* इन 29 महानगरपालिकाओं में तय होगा महापौर आरक्षण
अमरावती, अकोला, नागपुर, चंद्रपुर, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल, नाशिक, अहिल्यानगर, जलगांव, धुले, मालेगांव, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली-मिरज-कुपवाडा, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड-वाघाला, परभणी, जालना, लातूर.
* अमरावती में भाजपा व कांग्रेस लगे हैं ‘मैजीक फिगर’ के जुगाड में
बता दें कि, 87 सदस्यीय अमरावती महानगरग पालिका में सत्ता स्थापित करने हेतु किसी भी राजनीतिक दल के पास कम से कम 44 पार्षदों का समर्थन रहना जरुरी है. परंतु इस बार के मनपा चुनाव में कोई भी राजनीतिक दल इस आंकडे तक अपने बलबूते नहीं पहुंच पाया है. ऐसे में अब महापौर पद पर नजर रखते हुए कांग्रेस तथा भाजपा द्वारा अपने-अपने स्तर पर अन्य राजनीतिक दलों के पार्षदों का समर्थन जुटाने की जुगत भिडाई जा रही है. जिसके तहत 25 पार्षद रहनेवाली भाजपा द्वारा युवा स्वाभिमान पार्टी के 15, शिंदे सेना के 3, बसपा के 3 एवं वंचित बहुजन आघाडी के 1 सदस्यों से लगातार संपर्क किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर 15 सीटों पर जीत हासिल करनेवाली कांग्रेस ने भी एमआईएम के 12, राकांपा (अजीत पवार) के 11, शिवसेना उबाठा के 2 सदस्यों के साथ संपर्क जारी रखा है. साथ ही बसपा के 3 व वंचित बहुजन आघाडी के 1 सदस्यों को भी अपने पाले में लाने के भरपूर प्रयास किए जा रहे है. ऐसेमें अब यह देखना दिलचस्प होगा कि, अमरावती मनपा में महापौर पद किस संवर्ग के लिए आरक्षित होता है और फिर उस जाति संवर्ग से किस राजनीतिक गठबंधन द्वारा किए महापौर पद प्रत्याशी के तौर पर आगे किया जाता है.
* अमरावती मनपा में अब तक के 16 महापौर
डॉ. देवीसिंह शेखावत – 10 मार्च 1992
प्रभाकर सव्वालाखे – 30 मार्च 1993
गोविंद अग्रवाल – 20 मार्च 1994
विद्याताई देशपांडे – 20 मार्च 1995
किरणताई महल्ले – 9 मार्च 1996
प्रवीणआप्पा काशिकर – 10 मार्च 1997
नितिन वानखडे – 20 मार्च 1998
विलास इंगोले – 19 मार्च 1999
दीपाली गवली – 9 मार्च 2002
मिलिंद चिमोटे – 18 फरवरी 2005
अशोक डोंगरे – 9 मार्च 2007
एड. किशोर शेलके – 1 दिसंबर 2009
वंदना कंगाले – 9 मार्च 2012
चरणजीतकौर नंदा – 9 सितंबर 2014
संजय नरवणे – 9 मार्च 2017
चेतन गावंडे – 22 नवंबर 2019





