श्रमजीवी वर्ग के मतदाताओं का रुझान किधर?

भाजपा, कांग्रेस, वायएसपी व बसपा के सामने वोट साधने की चुनौती

अमरावती /दि.9 – श्रमजीवी यानि मेहनतकश वर्ग से वास्ता रखनेवाले मतदाताओं की संख्या अधिक रहनेवाले तीन प्रभागों के मतदाताओं का रुझान इस बार के मनपा चुनाव में किस ओर रहता है, इसे लेकर पूरे शहर में अच्छी-खासी उत्सुकता चल रही है. विशेष उल्लेखनीय है कि, ऐसे तीन में से एक प्रभाग में कांग्रेस को पिछली बार चार सीटें मिली थी. वहीं बसपा का गड माने जानेवाले प्रभाग में भाजपा ने पहली बार तीन सीटें जीती थी. जबकि पहली बार मनपा के चुनाव में हिस्सा लेनेवाली युवा स्वाभिमान पार्टी ने दो सीटें जीतकर सभी की आश्चर्यचकित कर दिया था. परंतु विगत आठ वर्षों के दौरान राज्य के साथ-साथ अमरावती शहर में भी राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल गए है. ऐसे में इस बार श्रमजीवी मतदाताओं की बहुलता रहनेवाले प्रभागों में मतदाताओं का रुझान किस ओर रहता है, इस बात पर सभी की निगाहें लगी हुई है.
बता दें कि, श्रमजीवी वर्ग की बहुलता रहनेवाले प्रभागों में प्रभाग क्र. 8 जोग स्टेडियम-चपराशीपुरा, प्रभाग क्र. 9 एसआरपीएफ-वडाली तथा प्रभाग क्र. 10 बेनोडा-भीमटेकडी-दस्तुर नगर इन तीन प्रभागों का समावेश होता है. जिसमें से प्रभाग क्र. 9 व प्रभाग क्र. 10 में रिहायशी बस्तियों का शहर के अंतिम शोर पर स्थित पहाडों तक विस्तार हो चुका है. परंतु इन रिहायशी बस्तियों में मूलभूत सेवाओं व सुविधाओं का सर्वथा अभाव है. विगत पंचवार्षिक के दौरान इन प्रभागों में मूलभूत सेवाएं व सुविधाएं उपलब्ध कराने में तत्कालीन जनप्रतिनिधि असफल साबित होने के चलते इस बार मतदाताओं का रुझान व जनादेश बदलने की पूरी संभावना है, ऐसा माना जा रहा है.
इस बार भाजपा व कांग्रेस सहित अजीत पवार गुट वाली राकांपा और युवा स्वाभिमान पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरे है. जिसके चलते इन तीनों प्रभागों में चुनाव काफी रोचक होते दिखाई दे रहे है. कांग्रेस को पिछली बार वाली चार सीटें हासिल करने के साथ ही इस बार अपनी सीटें बढाने, वहीं युवा स्वाभिमान पार्टी व भाजपा को पुरानी सीटें दोबारा जीतने की चुनौती का सामना करना पड रहा है. खास बात यह है कि, भाजपा का एक पूर्व पार्षद बसपा में और बसपा के पूर्व पार्षद भाजपा में शामिल हो चुका है. साथ ही भाजपा ने युवा स्वाभिमान पार्टी के दो पदाधिकारियों को अपने ‘कमल’ चुनावी चिन्ह के साथ मैदान में उतारा है. दूसरी ओर कांग्रेस ने पूर्व महापौर सहित दो पूर्व पार्षदों को डच्चू देने के साथ ही नए चेहरों पर दांव लगाया है. जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पूर्व नगरसेवक सहित नए उम्मीदवार दिए है. जिसके चलते पिछली बार की तुलना में इस बार चुनावी समीकरण काफी हद तक बदल गए है.

* एसआरपीएफ-वडाली प्रभाग
राज्य आरक्षित पुलिस बल की वसाहत रहनेवाले इस प्रभाग में वडाली तालाब व उद्यान जैसा पर्यटन क्षेत्र है. जिसकी स्थिति फिलहाल बेहद खराब है. साथ ही वडाली की घनी रिहायशी बस्तियों में साफ-सफाई की व्यवस्था का जबरदस्त अभाव है. साथ ही इस प्रभाग से होकर गुजरनेवाले शहर के बडे नालों की सुरक्षा दीवार की समस्या भी गंभीर है. इसी प्रभाग में शामिल मंगलधाम कॉलोनी में अंतर्गत रास्तों का अब तक निर्माण नहीं हुआ है. साथ ही जलापूर्ति की पाइप लाइन नहीं डाले जाने के चलते इस परिसर में जलापूर्ति की समस्या भी बेहद गंभीर है.

* बेनोडा-भीमटेकडी-दस्तुर नगर प्रभाग
संमिश्र जनसंख्या वाले इस प्रभाग में साफ-सफाई सहित जलापूर्ति और उबड-खाबड सडकों की समस्या कायम है. साथ ही यहां पर बच्चों के खेलकूद हेतु खुले मैदानों व बगीचों का भी अभाव है. इसके अलावा बेनोडा, दस्तुर नगर व प्रभु कॉलोनी व जैसे परिसरों में साफ-सफाई का विषय गंभीर है. नई रिहायशी बस्तियों में पक्के रास्ते, पक्की नालियां व स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का अभाव है. भीमटकेडी के आसपास कचरे के ढेर लगे हुए है. इसके अलावा बेनोडा परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जरुरत है.

Back to top button