तुमने घोर अपराध किया, तुम्हारा अनिष्ट होगा
भोंदू बाबा अशोक खरात की धमकी

* कार्रवाई के बाद भी नहीं गई अकड
* नीरज जाधव के हैंडसेट में मिले सबूत
* खरात के पास आर्मी ग्रेड फोन, डाटा सुरक्षित रखने की खास तकनीक
मुंबई/नाशिक/दि.21 – सिन्नर के भोंदू बाबा अशोक खरात की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी और प्रदेशभर में भंयकर चर्चा, राजनीतिक तूफान की संभावना के बावजूद अकड कम नहीं होने की बात साफ दिखाई दे रही है. अशोक खरात ने पुलिस एक्शन के बाद पहली प्रतिक्रिया में शाप देने के अंदाज में कह दिया कि, तुमने घोर अपराध किया है. सभी का अनिष्ट होगा. उसी प्रकार नये खुलासे हो रहे हैं. इस बीच खरात के करीबी नीरज जाधव के हैंडसेट से काफी सबूत मिलने का दावा रिपोट्स में किया गया है. बता दें कि, खरात प्रकरण के कारण प्रदेश में शुक्रवार शाम पहली विकेट गई जब राष्ट्रवादी की बडी नेता और राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रुपाली चाकणकर को त्यागपत्र देना पडा. उधर राष्ट्रवादी के बडे नेता छगन भुजबल ने कहा कि, राजनेताओं को अपनी मर्यादा का भान रखना चाहिए.
* पूरे राज्य में गुस्सा, खरात के तेवर कायम
महिलाओं के यौन शोषण के भयंकर मामले में पकडे गये स्वयंभू बाबा अशोक खरात के मामले से पूरे राज्य में रोष के बावजूद खरात का तेवर कायम है. खबर है कि, खरात ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर कार्रवाई करने वालों का बुरा होने का शाप दिया है. खरात के काले कारनामों की पुलिस को भनक लग गई थी. जैसे ही एक पीडिता शिकायत लेकर सामने आयी. सरकारवाडा पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर एक्शन लिया. ऐसे में खरात ने उस पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को धमकी दी है कि, उनका बुरा होगा.
* ग्रामीणों के गंभीर आरोप
इधर मीरगांव के ग्रामीणों ने अशोक खरात पर गंभीर आरोप किये है. वहां मंदिर निर्माण के बाद खरात ने एक किसान का खेत में आना-जाना रोक दिया था. मंदिर की कम्पाउंड वॉल बनाते समय धौस दी थी. ग्राीमणों का आरोप है कि, किसान को रास्ता बंद कर देने के कारण 8 महीनों से अपना घर छोडकर टीन की खोली में रहना पड रहा है.
* चाकणकर का प्रदेशाध्यक्ष पद भी जाएगा
खरात प्रकरण की वजह से सीएम के निर्देश पर राज्य महिला आयोग पद से हटाई गई रुपाली चाकणकर को राष्ट्रवादी महिला प्रदेशाध्यक्ष का भी पद छोडना पडेगा. कहा गया है कि, चाकणकर ने अपना त्यागपत्र उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा है. उन्हें प्रदेशाध्यक्ष पद से भी हटाये जाने की भी चर्चा है. उधर चाकणकर पर आरोप करने वाली रुपाली ठोंबरे ने भी चाकणकर को हटाने की मांग डीसीएम सुनेत्रा पवार से करने का दावा किया है. ठोंबरे ने आरोप किया कि, चाकणकर को प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे बचा रहे थे. बता दें कि, ठोंबरे भी राष्ट्रवादी की महिला नेत्री है.
* नीरज जाधव के मोबाइल में सबूत?
इस बीच एक खबर में दावा किया गया कि, खरात का प्रकरण वीडियो शूटींग कर बाहर निकालने वाले नीरज जाधव को पुलिस ने गिरफ्तार किया. उसके मोबाइल हैंडसेट में काफी सबूत मिल जाने का दावा किया जा रहा है. जाधव ने खरात के केबीन में कैमरा लगा दिया था और खरात द्वारा महिलाओं को बेहोशी की दवा देने के बाद उनके यौन शोषण का प्रकरण उजागर किया था. जाधव से पुलिस को काफी जानकारी मिलने का दावा किया जा रहा है. कुछ नई जानकारी लेने की पुलिस कोशिश कर रही हैं.
* खरात के पास खास फोन, डेटा रहता सुरक्षित
भोंदू बाबा अशोक खरात प्रकरण में नये-नये खुलासे हो रहे हैं. ताजा खबर है कि, अशोक खरात ने आर्मी ग्रेड फोन हासिल कर लिया था. यह विदेशी बनावट का फोन है. जिसमें डाटा सुरक्षित और छिपाकर रखने की तकनीक है. उसी प्रकार खरात की संपत्ति को लेकर भी बडा खुलासा होने का दावा खबर में किया गया है. जिसके अनुसार खरात की संपदा 200 नहीं तो 500 करोड के आसपास है. नाशिक में महल जैसा घर और महंगी गाडियों का समावेश है. दत्तात्रय खेमनार ने उक्त दावा कर यह भी कहा कि, 26-27 देशों में खरात के संबंध रहे हैं. वह कई देशों की यात्रा भी कर चुका है. बेटी की शादी के बाद वह स्थायी रुप से विदेश में बसने की सोच रहा था. दत्ता खेमनार ने सबसे पहले भोंदू बाबा की खबर छापी थी. उस समय उन्हें कथित रुप से रुपाली चाकणकर का फोन आया था. जिसमें कहा गया था कि, बाबा वैसा नहीं है. खुलासा छापीए. खेमनार ने दावा किया कि, उन पर दबाव डालने की कोशिश हुई थी. खेमनार ने यह भी दावा किया कि, खरात के क्लायंट अत्यंत उच्च वर्ग के रहते थे. जिनमें आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और राजनेताओं के परिवारों की महिलाओं का समावेश था. खेमनार का आरोप है कि, एक बडे उद्योगपति से भोंदू बाबा खरात ने 20 करोड रुपए की उगाही की थी.
* सरकार गिराने का षडयंत्र – राउत
इस बीच शिवसेना उबाठा के नेता संजय राउत ने आरोप किया कि, राज्य के कुछ मंत्री भोंदू बाबा के इशारों पर काम कर रहे थे. उन्होंने सरकार को गिराने का षडयंत्र बनाने का दावा कर संजय राउत ने एक वरिष्ठ मंत्री के त्यागपत्र की मांग कर डाली. संजय राउत ने कहा कि, भोंदू बाबा के समर्थक मंत्रियों को फडणवीस द्वारा बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए. राउत ने दावा किया कि, सरकार गिराने की कोशिश के कारण ही छापे मारे गये. राउत ने दावा किया कि, भोंदू बाबा और अंधश्रद्धा का सहारा लेकर अनेक मंत्री अपने विभाग चला रहे हैं. कई मंत्रियों को अशोक खरात सलाह देता था. उसी के इशारे पर काम होता था. विभागों के कामकाज में भी खरात का हस्तक्षेप रहने का दावा संजय राउत ने किया.
* मंत्रियों के कॉल रिकॉर्ड जांचें
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि, भोंदू बाबा अशोक खरात को राजाश्रय रहा है. बडे-बडे नेताओं के साथ उसके फोटो सामने आये है, वीडियो वायरल हो रहे है, ऐसे में खरात के संपर्क में रहने वाले प्रत्येक का कॉल रिकॉर्ड जांचा जाना चाहिए. वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि, सरकार को खरात को बचाने की चिंता लग रही है. जिन्होंने यह प्रकरण उजागर किया उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है. वडेट्टीवार ने मंत्रियों के त्यागपत्र लिये जाने की मांग कर कहा कि, रुपाली चाकणकर जिस पद पर काम कर रही थी, उस पर रहते उन्होंने अशोभनीय कार्य किया है. भोंदू बाबा के चक्कर में चाकणकर ने मानसिक गुलामी ले ली थी.
* प्रशासन से मदद, डेप्यूटी कलेक्टर का नाम
कैप्टन अशोक खरात को प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारी मदद करने का आरोप सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दोहराया. दमानिया ने उस उपजिलाधीश का नाम घोषित करने की मांग कर डाली. जिसने कथित रुप से समय-समय पर कैप्टन अशोक खरात को बडी आर्थिक सहायता की. दमानिया का आरोप रहा कि, उस अधिकारी ने खरात को पैसों के साथ कानूनी मदद भी उपलब्ध करवाई. इन आरोपों से स्पष्ट हो गया कि, प्रशासकीय यंत्रणा तक खरात की पहुंच रही.
* उद्धव ठाकरे ने की भक्तों पर भी कार्रवाई की मांग
शिवसेना उबाठा प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अशोक खरात प्रकरण में भक्तों पर भी कार्रवाई करने की मांग कर खलबली मचा दी. ठाकरे ने सवाल उठाया कि, प्रदेश का राजकारण कितने नीचले स्तर पर ले जाया जाएगा? ठाकरे ने कहा कि, महाराष्ट्र में जादू टोना विरोधी कानून है. उस कानून का पालन करने वाले ही इस प्रकार भोंदू बाबा के चक्कर में आएंगे, तो उन भक्तों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. ठाकरे ने कहा कि, सभी की जांच होना आवश्यक है. गांव-गांव में ऐसे भोंदू बाबा रहने पर कौनसे दलों के नेता उनके पास जाते है, यह देखकर उन नेताओं पर भी कार्रवाई किये जाने की मांग उद्धव ठाकरे ने रखी. उन्होंने महायुति सरकार को भी जमकर आडे हाथ लिया और कहा कि, कुछ सत्ताधारी विधायकों से संबंधित यह मुद्दा है. भ्रष्टाचार के प्रकरण भी सामने आ रहे हैं. मुख्यमंत्री को अब एक चादर विभाग भी बनाना चाहिए. उसे अपना पास रखना चाहिए. जिससे वे अपने करीबियों, सत्ता के सहयोगियों के काले चिट्टे ढंक सके.





