‘उस’ बैच की छह दवाओं की बिक्री पर पूरे राज्य में रोक
छह साल के बच्चे की मौत के बाद उठाया गया कदम

यवतमाल/दि.14 – यवतमाल जिले के कलंब तहसील के परसोडी गाँव में छह वर्षीय शिवम सागर गुरनुले नामक बालक की संदिग्ध मृत्यु के बाद स्वास्थ्य व औषधि प्रशासन ने एहतियातन संबंधित दवाओं के एक बैच की राज्यभर में बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है.
बता दें कि, शिवम को 4 अक्टूबर को बुखार, खांसी और उल्टी की शिकायत पर परिजन यवतमाल के तारक बाल अस्पताल में लेकर गए थे. उपचार के बाद उसे घर भेजा गया, लेकिन 6 अक्टूबर को दोबारा जांच के लिए अस्पताल लाया गया, जहाँ दवाएं बदली गईं. अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को भोजन करते समय शिवम अचानक गिर पड़ा. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद औषधि प्रशासन ने संबंधित अस्पताल के मेडिकल स्टोर से सात दवाओं के नमूने लिए. जिनमें से छह दवाओं की बैच पर बिक्री और वितरण रोकने के आदेश जारी किए गए हैं. ये नमूने मुंबई की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी, ऐसा सहायक आयुक्त (औषधि) एम. के. कालेश्वरकर ने बताया.
इस बीच, वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय में हुई पोस्टमॉर्टम जांच में शिवम की श्वसन नली (गले की नली) में मूंगफली की साली और भोजन के अंश पाए गए हैं. इसलिए केवल खांसी की दवा के कारण मृत्यु हुई, यह कहना जल्दबाजी होगी, ऐसा स्पष्टिकरण महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनिल बत्रा ने दिया. डॉ. बत्रा ने नागरिकों से अपील की है कि वे डरें नहीं, बल्कि डॉक्टर की सलाह से ही खांसी-जुकाम की दवाओं का सेवन करें.