युवा कलाकार अमरावती

अमरावती/ दि. 06- आज से इस कॉलम के जरिए सांध्य दैनिक अमरावती मंडल व्दारा शहर के ऐसे उभरते कलाकार, थियेटर आर्टिस्ट, गायक, थियेटर/नाटक/फिल्म निर्देशक, खिलाड़ी, कवि,शायर का परिचय प्रकाशित करने जा रहे है. जिन्होनें कला, खेल व साहित्य क्षेत्र में अपना काफी समय व योगदान दिया है. किंतु किसी कारण से वह आम नागरिकों व वाचकों के सामने नहीं आ पाए है. एक पहल के जरिए हम प्रयास करेगें की ऐसे उभरते हुए युवा कलाकारों व कला क्षेत्र में अग्रणी युवाओं का परिचय हम सब से हो.
पुरा नाम- बबलु रामदास गायकवाड़
उम्र – 25 वर्ष
शिक्षा – बी.ए.
पता – गडगडेश्वर रोड, गांधी आश्रम अमरावती
क्षेत्र – नाटक, फिल्म थियेटर, एलबम सॉन्ग,
वेब सिरिज, शार्ट फिल्म में कार्य करने
का अनुभव
राज्यस्तरीय नाटक- अहम ब्रह्मास्मी, नाटकी,
काक स्पर्श, औरंगजेब.
फिल्म – टेरेटरी (कॉन्स फिल्म फेस्टीवल में
नामांकित), डैड चियर्स, दंश(आर्ट फिल्म)
में एक्टींग व प्रोडक्शन में कार्य करने का
अनुभव.
वेब सिरीज– बेल(हिंदी) बबलु पंचर वाला
(मराठी)
विडियो सॉन्ग- मामा पोरगी तुही.., नखरा
मंदाबाईचा, टाईम दे थोड़ा..,
शार्ट फिल्म- मकाम(अवार्ड विजेता), कोरोना तु
पागल करो न, स्वच्छ अमरावती-
सुंदर अमरावती.
पुरस्कार – अभी तक राज्य स्तर पर नाटक
खेलने के लिए 7 पुरस्कार प्राप्त हुए
है.
क्षेत्र में आने के लिए प्रेरणा – महाविद्यालय में
रहते हुए पथनाट्य करते थे.
वहां से हमेशा लोगों व्दारा
अदाकारी को सराहने के चलते आगे बढ़ने की प्रेरणा व उत्साह बढ़ता गया. जिसके बाद
थियेटर में प्रवेश किया. फिल्मों के लिए ऑडिशन दिए और फिर समय के साथ साथ कई विडियों फिल्मों व बड़े पर्दे की फिल्मों में काम करने का अवसर मिला. आज कई फिल्मों में छोटे बड़े रोल के लिए ऑफर आ रहे है.
टेरीटरी फिल्म में काम करने का अनुभव- मराठी
फिल्म जगत के बड़े व प्रसिध्द
कलाकारों किशोर कदम, संदीप कुलकर्णी के साथ काम करे का अनुभव मिला, इस फिल्म में बबलु एक शराबी ऑटो रिक्शा चालक और ग्रामीण नेता के कट्टर कार्यकर्ता की भुमिका में नजर आएगें.जो बाघ के शिकार के लिए रखे गए बकरे को अपने नेता को खुश करने के लिए बार बार चुरा लेता है.
भविष्य में – एक अच्छा और बड़ा कलाकार बन
कर शहर,जिले व देश का नाम रोशन
करने का सपना.
संदेश – यह एक क्रियेटिव क्षेत्र है. कला क्षेत्र में कार्य करने वाला हर कलाकार हर रोज एक नयी जिंदगी जिता है. जैसे की जहां एक व्यक्ति एक दिन सुबह से शाम एक ही व्यक्ति की जिंदगी जीता है. वहीं एक कलाकार अपने अलग अलग अभिनय से सैकड़ो जिंदगी खुल कर जी सकता है. हर रोल का अपना एक महत्व है. उसे जीने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है.उसका एक अलग अनुभव मिलता है.हर कलाकार के लिए हर एक दिन नया होता है. कला क्षेत्र से जुड़ने युवाओं को आगे आना चाहिए. इसमें सफलता के साथ काफी शोहरत भी मिलती है.

नोट– आप भी अपना संक्षिप्त परिचय सांध्य दैनिक अमरावती मंडल कार्यालय खापर्डे बगीचा में जमा कर सकते है.

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