बेटे को बचाने नदी में कूदी मां, दोनों की डूबने से मौत
अधिक मास का धार्मिक स्नान साबित हुआ आखिरी

* अकोला जिले के समशेरपुर ग्राम की घटना
अकोला/दि.11 – अकोला जिले के समशेरपुर गांव में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे में मां और बेटे की नदी में डूबने से मौत हो गई. अधिक मास और एकादशी के पावन अवसर पर धार्मिक स्नान के दौरान यह दुखद घटना घटी. बेटे को डूबता देख मां ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका. मृतकों की पहचान वृषाली हरिदास खोत (35) और उनके 10 वर्षीय पुत्र स्वराज हरिदास खोत के रूप में हुई है.
जानकारी के मुताबिक समशेरपुर गांव की पांच-छह महिलाएं अधिक मास के अवसर पर धार्मिक स्नान के लिए गांव के समीप बहने वाली काटेपूर्णा नदी गई थीं. वृषाली खोत भी अपने बेटे स्वराज के साथ वहां पहुंची थीं. सुबह के समय स्नान करते हुए स्वराज को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और वह अचानक गहरे पानी में चला गया. देखते ही देखते वह डूबने लगा. बेटे को संकट में देखकर मां वृषाली खोत तुरंत नदी में कूद गईं. हालांकि, मां और बेटे दोनों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे पानी की तेज धारा में फंस गए. घटना के दौरान वहां मौजूद माधुरी खोत और मीरा चौधरी भी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरीं, लेकिन वे भी पानी में फंस गईं. नदी किनारे मौजूद कुछ युवकों ने तत्काल साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगाई और बड़ी मशक्कत के बाद माधुरी खोत तथा मीरा चौधरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
हालांकि, वृषाली खोत और उनके पुत्र स्वराज को बचाया नहीं जा सका. दोनों की तलाश के लिए लगातार खोज अभियान चलाया गया, जिसके बाद नदी से मां-बेटे के शव बरामद किए गए. हादसे में बची महिलाओं को उपचार के लिए अकोला भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपने बेटे की जान बचाने के लिए वृषाली खोत ने एक पल भी देर नहीं की और सीधे नदी में छलांग लगा दी. लेकिन दुर्भाग्यवश उनकी यह ममता भरी कोशिश उनकी आखिरी छलांग साबित हुई. मां और बेटे की एक साथ मौत से समशेरपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है. इस दर्दनाक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.





