1 अप्रैल से 10 प्रतिशत बढोत्तरी
रेडी रेकनर के रेट

* बढेंगे फ्लैट, जमीन के रेट
* शासन को 75 हजार करोड राजस्व
मुंबई./दि.28 – नये वर्ष में फ्लैट अथवा प्लॉट या फिर दुकान-ऑफिस खरीदी करना है, तो जल्दी करें. शीघ्र ही राज्य में खरीदी-विक्री के रेट बढने वाले हैं. शासन ने आगामी 1 अप्रैल से रेडी रेकनर के रेट मेंं 10 प्रतिशत बढोत्तरी का निर्णय किया है. सरकार को मुद्रांक शुल्क के रुप में 75 हजार करोड का राजस्व प्राप्त होने की अपेक्षा है. कोरोना महामारी पश्चात पहली बार रेडी रेकनर रेट में परिवर्तन किया जा रहा है.
* राजस्व बढाने के उपाय
राज्य में चुनाव पश्चात नई सरकार पदारुढ हुई है. सरकार ने अनेक योजनाओं और प्रकल्पों की घोषणा कर रखी है. शिंदे शासन ने अपने कार्यकाल के लगभग अंत में कैबिनेट मीटींग का सिलसिला चलाकर सैकडों निर्णय किये थे. उन निर्णयों को क्रियान्वित करने राजस्व बढाने के उपाय महकमे से पूछे गये थे. वित्त विभाग को राजस्व खाते द्वारा रेडी रेकनर रेट बढाने का प्रस्ताव दिया गया है.
* यह प्रस्ताव मंजूर
रेडी रेकनर के रेट शहर या क्षेत्र के पिछले वर्ष के संपत्ति व्यवहार के आधार पर तय होते है. उस क्षेत्र में परिवर्तन और मूलभूत सुविधाओं के विकास एवं किसी बडी परियोजना के वहां के परिसर पर कितना असर होगा, यह बातें भी रेडी रेकनर दरें तय करते समय ध्यान में रखी जाती है. इसके अलावा सरकार ने रेडी रेकनर की दरों को तय करने के बाद उससे कम रेट में हुए सौदों का भी आकलन किया है. कम रेट में व्यवहार का पंजीयन नहीं होता. इस बार रेडी रेकनर रेट में सीधे 10 प्रतिशत की बढोत्तरी सरकार करने जा रही है.
* 72 प्रतिशत राजस्व प्राप्त
वर्ष 2024-25 के लिए राज्य सरकार ने 55 हजार करोड मुद्रांक शुल्क राजस्व मिलने का लक्ष्य रखा था. उसमें गत दिसंबर माह तक 39,766 करोड की प्राप्ति हो गई थी. अर्थात यह लक्ष्य का 72 प्रतिशत है. आगामी 31 मार्च तक लक्ष्य पूर्ण होने की संभावना है. अधिकारियों की माने तो टारगेट से अधिक वसूली हो सकती है. वर्ष 2022-23 में 139 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया था. जब 44,681 करोड राजस्व मुद्रांक शुल्क से राज्य को मिला था.





