डफरीन में तीन नवजातों की मौत के मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर को सौंपा निवेदन

* इर्विन अस्पताल में जलभराव का मुद्दा भी उठाया
अमरावती/दि.24 – जिला महिला अस्पताल (डफरीन) के एनआईसीयू में आग लगने के बाद तीन नवजात बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर शिवसेना शहर प्रमुख तथा पूर्व विपक्षी नेता प्रवीण हरमकर ने स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, विभागीय आयुक्त तथा जिलाधिकारी को निवेदन सौंपा.
हरमकर ने निवेदन में आरोप लगाया कि डफरीन अस्पताल में वेंटिलेटर तथा अन्य जीवनरक्षक मशीनरी के रखरखाव और दुरुस्ती में हुई लापरवाही के कारण तीन मासूम बच्चों की जान गई. उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है. अस्पताल की वेंटिलेटर एवं अन्य अत्यावश्यक मशीनरी की देखभाल और तकनीकी जांच की जिम्मेदारी संभालने वाले अभियंता तथा संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए. उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अभियंता की तत्काल जांच कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच समिति के माध्यम से जांच कर दोषियों पर फौजदारी कार्रवाई की जाए. साथ ही मृत नवजातों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की मांग भी की गई.
हरमकर ने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय घटना के मूल कारण और वास्तविक जिम्मेदारों तक पहुंचकर कार्रवाई की जानी चाहिए. तभी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा और जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास कायम रहेगा. इस दौरान अमरावती के जिला सामान्य अस्पताल (इर्विन) में भारी बारिश के कारण करीब डेढ़ फुट तक पानी जमा होने का मुद्दा भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया गया. अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में जलभराव की स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल स्थायी उपाययोजना करने की मांग की गई. दोनों मुद्दों पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर तथा संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. इस अवसर पर संबंधित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.





