यह केवल दुर्घटना नहीं, अस्पतालों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी
डफरीन अस्पताल अग्निकांड पर सांसद बलवंत वानखड़े की प्रतिक्रिया

* अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का किया मुआयना, प्रभावितों से भी मिले
अमरावती/दि.24 – अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआयसीयू) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए घटना की निष्पक्ष, समयबद्ध और व्यापक जांच की मांग की है. उन्होंने इस हादसे को अत्यंत दुखद, हृदयविदारक और पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना बताया. अपने शोक संदेश में सांसद वानखड़े ने कहा कि डफरीन अस्पताल के एनआयसीयू में लगी आग में मासूम नवजात बच्चों की मृत्यु की घटना मन को सुन्न कर देने वाली है. उन्होंने कहा कि इस असहनीय दुख की घड़ी में वे मृत बच्चों के परिवारों के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा, निष्पाप नवजात बच्चों की मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है. जिन परिवारों ने अपने कलेजे के टुकड़े खो दिए हैं, उनके दुःख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. हम उनके दुःख में पूरी संवेदनशीलता के साथ सहभागी हैं.
सांसद बलवंत वानखड़े ने कहा कि इस घटना को केवल एक सामान्य दुर्घटना मानकर नहीं छोड़ा जा सकता. यह सरकारी अस्पतालों में अग्निसुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गंभीर चेतावनी है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, विशेष रूप से एनआयसीयू, आयसीयू और बालरोग विभाग जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन किया जाना चाहिए. फायर सेफ्टी ऑडिट, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच, अग्निशमन प्रणाली की कार्यक्षमता तथा आपातकालीन निकासी व्यवस्था की समय-समय पर प्रत्यक्ष समीक्षा होना आवश्यक है. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की गहन, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर आग लगने के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, निष्क्रियता या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर एवं त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल जांच समिति गठित कर औपचारिकता पूरी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोष तय कर जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी.
* पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग
सांसद बलवंत वानखड़े ने राज्य सरकार से मांग की कि मृत बच्चों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. साथ ही प्रभावित परिवारों को मानसिक, सामाजिक और चिकित्सकीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें. उन्होंने कहा कि घायल बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे.
* राज्यभर के अस्पतालों का विशेष फायर ऑडिट हो
सांसद वानखड़े ने कहा कि अमरावती की यह घटना पूरे राज्य के लिए चेतावनी है. उन्होंने महाराष्ट्र के सभी सरकारी अस्पतालों, विशेषकर एनआयसीयू, आयसीयू और बालरोग विभागों का विशेष सुरक्षा एवं फायर ऑडिट कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऑडिट के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े.
* मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि
अपने संदेश के अंत में सांसद बलवंत वानखड़े ने हादसे में जान गंवाने वाले तीनों नवजात बच्चों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि ईश्वर उनके माता-पिता तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे. उन्होंने कहा कि यह केवल तीन परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे.





