यह राजनीति का नहीं, पीड़ित परिवारों को संबल देने का समय
डफरीन अस्पताल अग्निकांड पर बोले पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल

अमरावती/दि.24 – अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआयसीयू) में लगी भीषण आग में तीन नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत से पूरे जिले में शोक का माहौल है. इस हृदयविदारक घटना पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य प्रवीण पोटे पाटिल ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृत बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है. विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग में हुई यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक, मन को झकझोर देने वाली और स्तब्ध कर देने वाली है. मासूम बच्चों की असमय मृत्यु ने पूरे समाज को गहरे दुःख में डाल दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने की आवश्यकता है.
डफरीन अस्पताल में घटित अग्निकांड की जानकारी मिलते ही एक विडियो संदेश जारी करते हुए विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा, जिन माता-पिताओं ने अपने जिगर के टुकड़े खो दिए हैं, उनके दर्द की भरपाई किसी भी परिस्थिति में नहीं की जा सकती. एक जनप्रतिनिधि और संवेदनशील नागरिक के रूप में मैं पूरी तरह उनके साथ खड़ा हूं. ईश्वर उन्हें इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे. उन्होंने मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह केवल कुछ परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की अपूरणीय क्षति है.
* घायलों के उपचार में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी
पूर्व मंत्री व विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने भरोसा दिलाया कि दुर्घटना में प्रभावित परिवारों तथा उपचाराधीन नवजात बच्चों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि घायल बच्चों के उपचार, आवश्यक दवाओं और अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी तथा प्रशासन को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
इसके साथ ही विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि इस दुर्घटना की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आग लगने के वास्तविक कारण तथा सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित त्रुटियों की जानकारी सामने आएगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालीन एवं कठोर उपाय लागू करेगी.
विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी संयम और संवेदनशीलता बरतने की अपील की. उन्होंने कहा, यह समय आलोचना, आरोप-प्रत्यारोप या राजनीतिक बयानबाजी का नहीं है. यह समय उन परिवारों को संबल देने का है, जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है. हमारा पूरा ध्यान घायल बच्चों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तथा पीड़ित परिवारों को मानसिक और व्यावहारिक सहायता देने पर केंद्रित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस दुखद घड़ी में समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए.





