विधायक सुलभा खोडके ने किया डफरीन अस्पताल का दौरा

तीन नवजातों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन से ली जानकारी, प्रभावितों को बंधाया ढांढस

* सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, डेप्यूटी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से की चर्चा
अमरावती/दि.24 – अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा विभाग (एनआयसीयू) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में तीन नवजात बच्चों की मौत के बाद विधायक सुलभा संजय खोडके ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों और अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा प्रभावित बच्चों के उपचार और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की. अस्पताल प्रशासन द्वारा विधायक सुलभा खोडके को दी गई जानकारी के अनुसार एनआयसीयू में कुल तीन अलग-अलग नवजात शिशु अतिदक्षता कक्ष हैं, जिनमें प्रत्येक में 13-13 बच्चों के उपचार की व्यवस्था है. इस प्रकार विभाग की कुल क्षमता 39 नवजातों की है. घटना जिस कक्ष में हुई, वहां उस समय 12 नवजात बच्चे भर्ती थे. आग और धुएं के कारण तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि अन्य बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. घटना के बाद शेष नवजातों को एहतियातन निकट स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अतिदक्षता विभाग में स्थानांतरित किया गया.
अस्पताल पहुंचने के बाद विधायक सुलभा खोडके ने एनआयसीयू का निरीक्षण कर पूरी स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया. उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से आग लगने के कारण, राहत एवं बचाव कार्य तथा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और गंभीर घटना है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए. घटना की गंभीरता को देखते हुए विधायक सुलभा खोडके ने राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर से दूरभाष पर संपर्क कर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि अस्पताल की नई इमारत में यह नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग लगभग एक वर्ष पूर्व ही शुरू किया गया था, लेकिन आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा प्रणाली में गंभीर कमियां सामने आई हैं. उन्होंने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. इस पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने स्वयं अमरावती पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया.


* उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी ली जानकारी
इस बीच विधायक सुलभा खोडके ने राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से भी दूरभाष पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी. उन्होंने उपमुख्यमंत्री को बताया कि आग की घटना में तीन नवजात बच्चों की दम घुटने से मौत हुई है तथा स्थिति अब नियंत्रण में है. घटना की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने गहरा दुःख व्यक्त किया और अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अन्य नवजात बच्चों और अस्पताल में भर्ती महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमरावती के डफरीन अस्पताल, इरविन अस्पताल तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की अग्निशमन और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए. सभी अस्पतालों में सुरक्षा उपकरण, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर प्रणाली और आपातकालीन बचाव तंत्र पूरी तरह कार्यरत हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है.

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