तीन नवजातों की मौत से भावुक हुए स्वास्थ्य मंत्री

परिजनों से मिलकर दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

* डफरीन में हृदयविदारक घटना
* प्रहार कार्यकर्ताओं ने दोषियों पर सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करने और मुआवजे की मांग की
अमरावती/दि.24 – जिला महिला अस्पताल (डफरीन) के एनआईसीयू में सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग में तीन नवजात शिशुओं की मौत और छह शिशुओं के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे अमरावती को झकझोर कर रख दिया है. मासूमों की मौत से अस्पताल परिसर में मातम और परिजनों में गहरा आक्रोश देखने को मिला.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रहार जनशक्ति पक्ष के जिलाध्यक्ष छोटू महाराज वसु, प्रवक्ता जितू दुधाने, महानगर प्रमुख बंटी रामटेके, हॉकर प्रमुख गणेश मारोडकर सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तत्काल डफरीन अस्पताल पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर के समक्ष अपनी मांगें रखीं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की. प्रहार कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे निवेदन में कहा कि वर्ष 2022 में भी इसी अस्पताल के एनआईसीयू में इसी तरह की गंभीर घटना सामने आई थी, जिसमें नवजातों की जान गई थी. इसके बावजूद संबंधित वेंटिलेटर आपूर्ति करने वाली कंपनी का ठेका रद्द नहीं किया गया और न ही उसे ब्लैकलिस्ट किया गया. ऐसे में उसी कंपनी से दोबारा वेंटिलेटर की खरीद कैसे की गई, इसकी जांच की मांग की गई.
निवेदन में करीब डेढ़ माह पहले अस्पताल की मिल्क बैंक में वॉशिंग मशीन में हुए विस्फोट की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों अथवा जिलाधिकारी को क्यों नहीं दी गई, एनआईसीयू की अग्निशमन व्यवस्था समय पर क्यों सक्रिय नहीं हुई, फायर ऑडिट किसने किया, आग लगने के बाद अलार्म या सायरन क्यों नहीं बजा और फायर सिस्टम क्यों सक्रिय नहीं हुआ, जैसे गंभीर सवाल भी उठाए गए. कार्यकर्ताओं ने मांग की कि घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाए. साथ ही मृत नवजातों के परिजनों को तत्काल प्रत्येक 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा संबंधित वेंटिलेटर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की गई. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और जीवनरक्षक उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करने की भी मांग की गई.
* परिजनों से मिलकर भावुक हुए स्वास्थ्य मंत्री
डफरीन अस्पताल से बाहर निकलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने प्रहार कार्यकर्ताओं तथा तीनों मृत नवजातों के परिजनों से मुलाकात की. मासूम बच्चों को खो चुके परिजनों की पीड़ा सुनकर मंत्री भावुक हो गए. उन्होंने परिजनों से विस्तारपूर्वक चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस दर्दनाक घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद कार्यकर्ताओं और परिजनों ने भी दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग दोहराई. प्रहार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि तीन मासूमों की मौत को केवल एक दुर्घटना मानकर मामले को दबाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि लापरवाही की जड़ तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होना जरूरी है.

Back to top button