कांवड़ ढांचा गिरने से मासूम की मौत, झूले से युवती गिरी
महाराष्ट्र में तीन दर्दनाक हादसे

* कुएं में डूबने से अधेड़ की जान गई
* पुलगांव में यात्रा शुरू होने से पहले हुआ हादसा
* जामखेड में झूले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वर्धा/अहिल्यानगर/जलगांव/दि.24 – महाराष्ट्र के तीन अलग-अलग जिलों में धार्मिक यात्रा, आनंद मेले और खेत क्षेत्र में हुए हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. वर्धा के पुलगांव में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले कांवड़ का ढांचा अचानक गिरने से पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. वहीं अहिल्यानगर के जामखेड में आनंद मेले के दौरान हवा में तेजी से घूम रहे झूले से सुरक्षा कड़ी खुलने के कारण एक युवती नीचे गिरकर घायल हो गई. दूसरी ओर जलगांव जिले में 80 फीट गहरे कुएं में गिरने से 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई.
वर्धा जिले के पुलगांव में शिवशंकर कांवड़ यात्रा समिति की ओर से आयोजित कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही दर्दनाक हादसा हो गया. राम मंदिर के पास कांवड़ स्टैंड पर रखा ढांचा अचानक नीचे गिर गया. इसी दौरान उसके पीछे मौजूद पांच वर्षीय अधिराज रवि पाटील उसके नीचे दब गया. घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कांवड़ यात्रा निकलने से पहले ही हुई इस घटना से आयोजन स्थल पर मातम पसर गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलगांव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.
* हवा में घूम रहे झूले से नीचे गिरी युवती
अहिल्यानगर जिले के जामखेड शहर में नागेश्वर यात्रोत्सव के अवसर पर आयोजित आनंद मेले में भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई. हवा में तेजी से घूम रहे झूले की एक सीट की लोहे की सुरक्षा कड़ी अचानक खुल गई, जिससे एक युवती नीचे गिर गई. पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई. हादसे के बाद युवती को तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. झूला शुरू करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था की उचित जांच की गई थी या नहीं, यह सवाल अब उठ रहा है. नागरिकों ने आनंद मेले में लगाए गए झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था की प्रशासन से तत्काल जांच कराने की मांग की है.
* 80 फीट गहरे कुएं में गिरने से 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत
जलगांव जिले के धरनगांव तहसील के पिंपले खुर्द शिवार में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ. यहां 54 वर्षीय वासुदेव भालेराव पाटील की करीब 80 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन दल को बुलाया गया. जवानों ने रात तक करीब पांच घंटे लगातार तलाश अभियान चलाया. अथक प्रयासों के बाद वासुदेव पाटील का शव कुएं से बाहर निकाला गया. तीनों घटनाओं ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों और खुले जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषकर धार्मिक यात्राओं और मेलों में भीड़, भारी ढांचों तथा मनोरंजन उपकरणों की सुरक्षा जांच को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर चर्चा शुरू हो गई है.





