2023 में भी एनआयसीयू में लगी थी आग, 9 जाने गई थी

‘डफरीन’ अग्निकांड पर खुद जिलाधीश के खुलासों ने खड़े किए कई गंभीर सवाल!

* तब भी फायर सिस्टम नहीं आया था काम, अब भी काम नहीं आया
* अब जांच के केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही
अमरावती /दि.24- स्थानीय जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआयसीयू/एसएनसीयू) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में तीन नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. घटना के बाद जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने मीडिया से बातचीत में महत्वपूर्ण खुलासे किए, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, फायर ऑडिट और आपदा प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं. सबसे अहम खुलासा यह है कि वर्ष 2023 में भी इसी अस्पताल के नवजात शिशु विभाग में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन उस समय भी अग्निशमन प्रणाली अपेक्षित रूप से कार्य नहीं कर पाई थी. इसके बावजूद यदि सुरक्षा व्यवस्थाओं में पर्याप्त सुधार नहीं किए गए, तो यह सवाल अब और भी गंभीर हो गया है कि आखिर दोबारा ऐसी त्रासदी कैसे घट गई.
* 2023 की घटना के बाद भी नहीं जागा सिस्टम!
जिलाधिकारी के अनुसार वर्ष 2023 में भी अस्पताल के नवजात शिशु विभाग में आग लगने की घटना हुई थी. उस समय भी फायर एक्सटिंग्विशर और स्प्रिंकलर सिस्टम ने अपेक्षित रूप से काम नहीं किया था. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि तीन वर्ष पहले हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए गए होते, तो क्या सोमवार की यह त्रासदी टाली जा सकती थी? विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में एक बार हुई सुरक्षा चूक के बाद तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना अनिवार्य होता है. ऐसे में 2023 और 2026 की घटनाओं के बीच समानताएं सामने आने से जांच का दायरा और गंभीर हो गया है.
* निजी अस्पतालों में भर्ती बच्चों का पूरा खर्च उठाएगा शासन
जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने स्पष्ट किया कि आग की घटना के बाद जिन नवजात बच्चों को निजी अस्पतालों अथवा अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कराया गया है, उनके उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. किसी भी प्रभावित परिवार से उपचार शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा और प्रशासन लगातार प्रभावित बच्चों के उपचार तथा उनके परिजनों की सहायता के लिए कार्य कर रहा है.

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