गडकरी ने दिए मंत्रीपद छोडने के संकेत

बोले- अब ज्यादा काम नहीं कर सकता, नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए

नागपुर/दि.24 – केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने अपने स्वास्थ्य और उम्र का हवाला देते हुए कहा कि अब वे पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते. उन्होंने नई पीढ़ी को आगे आने और काम करने का अवसर देने की जरूरत भी बताई. गडकरी के इस बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य और संभावित संन्यास को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
गडकरी रविवार को काटोल तहसील के पारडसिंगा स्थित सती अनुसया माता देवस्थान में आयोजित ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ के समापन समारोह में बोल रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन स्व. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था की ओर से किया गया था. अपने संबोधन में गडकरी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पार्टी के लिए काम करते समय वे समय और स्वास्थ्य की परवाह किए बिना लगातार मेहनत करते थे. कई बार समोसा खाकर सो जाते थे और जीवन में कोई खास अनुशासन नहीं था. उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या में बदलाव किया और अब रोज योग करते हैं. गडकरी ने कहा कि स्वास्थ्य अच्छा हो तो व्यक्ति जीवन का हर आनंद ले सकता है, लेकिन तबीयत खराब हो तो सत्ता भी किसी काम की नहीं होती. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, अब मैं ज्यादा काम नहीं कर सकता. इसलिए नई पीढ़ी को अवसर देना चाहिए.
* 30 वर्षों से लगातार काम कर रहा हूं
गडकरी ने कहा कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं और इस दौरान कई उतार-चढ़ाव आए. उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में संस्था के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब वे संस्था में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता, संवेदनशीलता और दायित्व की भावना के साथ समाज की वर्तमान स्थिति को बदलने की जरूरत है. लोकशिक्षा और लोकसंस्कार के माध्यम से आदर्श एवं समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है.
* किसानों की स्थिति बदलने का आह्वान
विदर्भ के किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि क्षेत्र का किसान वर्षों से कर्ज के बोझ तले जीवन जी रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति बदलने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे. समाज के उन लोगों के लिए काम करना चाहिए, जिनके जीवन में अभी भी अंधेरा है. गडकरी ने अपने पुराने सड़क हादसे को भी याद किया. उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले रामटेक मार्ग पर उनका गंभीर हादसा हुआ था, लेकिन वे बच गए. उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के आशीर्वाद ने उन्हें नया जीवन दिया और इसी कारण उनका जीवन समृद्ध हुआ. उन्होंने लोगों से समाजसेवा और लोककार्य में योगदान देने का आह्वान किया.

Back to top button