कौंडण्यपुर के अंबिका देवी संस्थान में 1501 अखंड दीपज्योतियां प्रज्वलित
शारदीय नवरात्र महोत्सव में श्रद्धालुओं का उत्साहपूर्ण सहभाग

विधिवत पूजन से भक्तिमय हुआ परिसर, मंदिर में सर्वत्र जगमग
कौंडण्यपुर/दि. 12 – विदर्भ के प्रसिद्ध श्रद्धास्थल श्री अंबिका देवी संस्थान, श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर में शारदीय नवरात्र महोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भक्तिमय वातावरण में अखंड दीपज्योतियां प्रज्वलित की गईं. नवरात्र के पावन पर्व पर कुल 1501 श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ अखंड दीपज्योतियां प्रज्वलित कीं. इन दीपज्योतियों से संस्थान परिसर में मंगलमय और प्रसन्न वातावरण निर्मित हुआ तथा पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया.
श्री अंबिका देवी विदर्भ के असंख्य श्रद्धालुओं की आराध्य देवी हैं. यहां नवरात्र महोत्सव का विशेष धार्मिक महत्व है. नवरात्र के दौरान देवी के दर्शन और पूजाअर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. देवी के चरणों में अखंड दीपज्योति प्रज्वलित कर मनोकामना व्यक्त करने की परंपरा का श्रद्धालु आज भी निष्ठापूर्वक पालन करते हैं. इस वर्ष भी 1501 भक्तों ने इस धार्मिक आयोजन में सहभाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की.
अखंड दीपज्योति पूजन समारोह में संस्थान के भैय्यासाहेब ठाकरे, डॉ. योगेश पातशे, डॉ. मधुकर बुरनासे, गिरीधर अग्रवाल, संस्थान के पुजारी नरेंद्र महाराज पुरी, नीलकंठ अर्मल, राजाभाऊ आसोरकर, ह.भ.प. पंकज महाराज महल्ले, प्रकाश कदम, बंडू धोटे, परमानंद काटोलकर, अनुप महाराज देशमुख, दिनेश वानखड़े, संजय महाराज महल्ले, अंकुश पुंडेकर, भरत राऊत, राजकुमार मामर्डे, ऋषिकेश कदम और भाऊराव निंबर्ते सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. उनकी उपस्थिति में विधिवत दीपज्योतियों का पूजन किया गया.
शारदीय नवरात्र शक्ति की उपासना और आदिशक्ति की आराधना का महत्वपूर्ण पर्व है. इस दौरान अखंड दीपज्योति प्रज्वलित करने की परंपरा श्रद्धा, सकारात्मकता और मंगलकामना का प्रतीक मानी जाती है. कौंडण्यपुर स्थित श्री अंबिका देवी संस्थान में आयोजित इस धार्मिक उपक्रम ने नवरात्र महोत्सव के उत्साह और भक्तिमय वातावरण को और अधिक बढ़ा दिया.





