वर्धा प्रकल्प कालवा सल्लागार समिती की हुई बैठक

प्रकल्प से छोडे जानेवाले पानी आरक्षण को मंजूरी

अमरावती/दि.13 – आशिष येरेकर की अध्यक्षता में नियोजन भवन में उर्ध्व वर्धा प्रकल्प की कालवा सलाहकार समिति एवं जल आरक्षण संबंधी बैठक आयोजित की गई. बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए प्रकल्प से छोड़े जाने वाले पानी के आवर्तन तथा गैर-सिंचन जल आरक्षण पर चर्चा कर विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
बैठक में बताया गया कि उर्ध्व वर्धा प्रकल्प का लाभक्षेत्र अमरावती और वर्धा जिलों में फैला हुआ है. प्रकल्प के बाएं एवं दाएं दोनों नहरों से रबी सीजन के लिए पानी छोड़ने की योजना बनाई गई है. अधीक्षक अभियंता मनीष राजभोज ने जानकारी दी कि रबी सत्र 2025-26 के लिए कुल 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक तीन आवर्तन पूरे हो चुके हैं, जिससे लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हुई है, जबकि शेष दो आवर्तन मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाएंगे.
जिल्हाधिकारी आशिष येरेकर ने जलसंपदा एवं कृषि विभाग को समन्वय बनाकर ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने हेतु आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने गैर-सिंचन जल आपूर्ति की बकाया राशि मार्च 2026 से पहले वसूल करने के भी निर्देश संबंधित विभागों को दिए. बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए गैर-सिंचन जल आरक्षण को भी मंजूरी दी गई. इसके अंतर्गत पेयजल हेतु 61.911 दलघमी, औष्णिक विद्युत केंद्र के लिए 25.000 दलघमी तथा औद्योगिक उपयोग के लिए 2.50 दलघमी, कुल 89.411 दलघमी पानी आरक्षित किया गया. इस बैठक में विधान परिषद सदस्य दादाराव केचे भी दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से शामिल हुए. उन्होंने सभी लाभार्थियों तक समय पर पानी पहुंचाने के लिए प्रभावी योजना बनाने के निर्देश दिए. बैठक में उर्ध्व वर्धा प्रकल्प के कार्यकारी अभियंता अनिकेत सावंत, जिला कृषि अधिकारी राहुल सातपुते, महाबीज के जिला प्रबंधक एस.पी. देशमुख सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

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