मैं ईटकॉन कंपनी का मालिक नहीं, कर्मचारी था

स्वीकृत पार्षद मुनज्जर अली ने मनपा को दिया जवाब

* मनपा ने अपात्रता को लेकर जारी की थी नोटिस
अमरावती /दि.2- अमरावती महानगर पालिका में स्वीकृत पार्षद बनाए गए सैय्यद मुनज्जर अली सैय्यद मुदस्सर अली को मनपा के सदस्य पद हेतु अपात्र रहने के संदर्भ में मनपा प्रशासन द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी की गई थी, जिसमें मनपा प्रशासन ने सैय्यद मुनज्जर अली को ठेकेदार बताते हुए मनपा में पार्षद बनने हेतु अपात्र रहने की बात कही थी. जिस पर अपना जवाब पेश करते हुए स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली द्वारा मनपा प्रशासन को बताया गया कि, वे कभी भी कोई ठेकेदार नहीं थे, बल्कि एक ठेकेदार कंपनी में ब्रांच मैनेजर यानि कर्मचारी के तौर पर काम किया करते थे. साथ ही उन्होंने विगत 31 जनवरी को ही उस ठेका कंपनी से इस्तीफा देते हुए अपनी नौकरी को छोड दिया था. जिसके बाद वे स्वीकृत पार्षद निर्वाचित हुए. ऐसे में उनके खिलाफ अपात्रता से संबंधित कोई मामला नहीं बनता.
बता दें कि, स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली की सदस्यता को लेकर मिली शिकायत के आधार पर मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा के निर्देशानुसार पूरे मामले की प्राथमिक जांच-पडताल की गई. जिसके बाद मनपा के विधि अधिकारी श्रीकांत चव्हाण ने विगत 27 फरवरी को सैय्यद मुनज्जर अली के नाम कारण बताओ नोटिस जारी किया. जिसमें कहा गया कि, सैय्यद मुनज्जर अली ने अमरावती महानगर पालिका में मनुष्यबल आपूर्ति का ठेका हासिल किया था और वे बतौर ठेकेदार काम करते है. जिसके चलते वे मनपा में पार्षद जैसा व्यक्तिगत लाभ वाला पद लेने हेतु अपात्र है. अत: उनके खिलाफ अपात्रता की कार्रवाई क्यों न की जाए.
मनपा प्रशासन की ओर से मिली इस नोटिस का स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली ने आज सोमवार 2 मार्च को लिखित जवाब देते हुए बताया कि, वे कभी भी ईटकॉन ई-सोल्युशन नामक कंपनी के मालिक नहीं थे. बल्कि उस कंपनी में ब्रांच मैनेजर के तौर पर वेतनभोगी कर्मचारी के रुप में कार्यरत थे. साथ ही उन्होंने मनपा में पार्षद बनने से पहले ही उस कंपनी के मैनेजर पद से इस्तीफा दे दिया था. ऐसे में मनपा आयुक्त ने पहले पूरे मामले की जांच कर लेनी चाहिए थी और फिर नोटिस जारी करने के बारे में विचार करना चाहिए था. साथ ही स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली ने बताया कि, बिना किसी जांच-पडताल से सीधे कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना समझ से परे की कार्रवाई है.
उल्लेखनीय है कि, शुक्रवार 27 फरवरी को अयोग्यता के संदर्भ में स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली को मनपा प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि, सैय्यद मुनज्जर अली का नाम महानगर पालिका में ठेकेदार के तौर पर दर्ज है. जिसके चलते वे मनपा में सदस्य के तौर पर काम करने हेतु अपात्र है. जिसके जवाब में स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली ने बताया कि, वे नोएडा स्थित ईटकॉन ई-सोल्युशन कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत थे और उनकी कंपनी ने 10 अगस्त 2021 से मनपा को मनुष्यबल उपलब्ध कराने का काम शुरु किया था. जब ईटकॉन कंपनी का मनपा के साथ करार हुआ था, तब उन्होंने करारनामे पर कंपनी कर्मचारी के रुप में ही अपने हस्ताक्षर किए थे. साथ ही वे कंपनी के मालिक नहीं बल्कि वेतनभोगी कर्मचारी थे और उन्होंने विगत जनवरी माह में ही उस कंपनी के मैनेजर पद से इस्तीफा भी दे दिया था. इसके अलावा स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली ने यह भी बताया कि, मनपा की ओर से आऊटसोर्सिंग ठेके की ऐवज में भुगतान भी उनके खाते में नहीं बल्कि कंपनी के खाते में जमा कराया जाता है और उस खाते से उनका खुद का कभी कोई लेना-देना भी नहीं रहा.
ऐसे में अब यह देखनेवाली बात होगी कि, स्वीकृत पार्षद सैय्यद मुनज्जर अली द्वारा दिए गए खुलासे पर मनपा प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाया जाता है.

Back to top button