जकमल ब्रिज का मामला संदेह में
6 महीने से टालमटोल

* मशनरी खा रही धूल
अमरावती /दि.2- शहरवासियों को पिछले 6 माह से बंधक बनाने वाले राजकमल रेल उडानपुल का मामला शंकाओं से घिर गया है. पुल तोडने के लिए लोनिवि ने अब तक पहल नहीं की है. जबकि इस विषय में टेंडर के बाद वर्क ऑर्डर जारी होने के दावे किये जाते रहें. ब्रिज तोडने लायी गई मशीनरी वहां खडी धूल फाक रही है. बता दें कि, गत 24 अगस्त से ब्रिज बंद कर रखा गया है. वहां पैदल भी लोग न जाने पाये इसके लिए लोनिवि ने दोनों ओर दीवार खडी कर रखी है.
राजकमल ब्रिज शहर के एक हिस्से को दूसरे भूभाग से जोडने का महत्वपूर्ण पुल रहा. किंतु उसके जीर्ण-शीर्ण हो जाने का दावा कर उसे आवागमन के लिए बंद कर दिया गया. फलस्वरुप शहरवासियों को फेरा लेकर आवागमन करना पड रहा है. दुपहिया भी ब्रिज से जाने से रोक दी गई है. जिसके कारण सामान्य अमरावतीवासियों को परेशानी हो रही है.
शहर में दो सांसद और तीन विधायक हैं. उसके बावजूद ब्रिज का काम रुका पडा है. न इसे तोडा जा रहा, न शुरु किया जा रहा. केवल विधान मंडल में उसके खर्च का बजट में प्रावधान किये जाने की मांग उपस्थित की जा रही है. महापालिका में भी जनता की सत्ता आरुढ हो गई है. ऐसे में रेल्वे ब्रिज के महत्वपूर्ण विषय पर तत्परता से जनहित में निर्णय लेने की मांग बलवती हो रही है.





