इतिहास का सबसे गर्म मार्च का प्रथम सप्ताह
मौसम विशेषज्ञ प्रा. डॉ. अनिल बंड का कहना

* पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालय तप रहा
* रोज अमरावती शहर में काटे जा रहे 100 से अधिक पेड
अमरावती/दि.7 – मार्च का यह प्रथम सप्ताह अमरावती जिले के इतिहास में सबसे हॉट रहा है. अभी दो दिन हीट वेव कायम रहेगी. इसके बाद भी पारा 41-40 डिग्री के आसपास रहने की संभावना मौसम विज्ञानी प्रा. डॉ. अनिल बंड ने व्यक्त की. अमरावती मंडल से खास चर्चा में प्रा. बंड ने बताया कि, पेड-पौधे काटे जा रहे हैं. जिससे गर्मियां सहन करने की तैयारी मनुष्य को रखनी होगी. उन्होंने दावा किया कि, अमरावती शहर में ही रोज कई प्रकार के बहानों से 100 से अधिक पेड काटे जा रहे हैं. जिससे गर्मी का चटका बढ रहा है.
* कभी नहीं रहा इतना हॉट
मार्च में उष्ण लहर चलने पर हैरानी जताते हुए अनिल बंड ने कहा कि, जिस दिन से अमरावती में तापमान दर्ज किया जाता रहा होगा, उस दिन से आज तक इतना गर्म मार्च का प्रथम सप्ताह कभी नहीं रहा. हालांकि पिछले वर्ष फरवरी में अपेक्षाकृत अधिक उछाल देखा गया था. किंतु इस बार मार्च में अमरावती और अकोला लगातार 40 डिग्री के आसपास चल रहे हैं. यह पुराने सभी रिकॉर्ड को भंग कर गया हैं.
* हिमालय तप रहा
प्रा. डॉ. अनिल बंड कृषि के भी विशेषज्ञ हैं. वे शिवाजी कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक रहने के साथ पर्यावरण जतन के प्रयत्नों में हाथ बंटाते हैं. प्रा. बंड ने बताया कि, हिमालय तेजी से गर्म हो रहा है. इस वर्ष वहां सर्दियों में बर्फबारी भी काफी कम हुई. वहां जमीन बर्फ से ढकी होनी चाहिए. वह दिनोंदिन कम हो रही है. जिससे उत्तरी क्षेत्र से आने वाली हवाएं गर्म हो गई है. इसका भी असर हमारे यहां तापमान वृद्धि में हो रहा है.
* टूटा 20 वर्ष का रिकॉर्ड
मौसम विज्ञानी डॉ. बंड ने बताया कि, हिमालय में 20 वर्षों का तापमान का रिकॉर्ड भंग हो गया है. वहां औसत तापमान से 5-6 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया. निश्चित ही इसे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव माना जा रहा है. किंतु यह पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है. हिमालय में गर्मी बढने से देश के मैदानी भागों में तापमान में बढोत्तरी हो रही है. लोग गर्मी से परेशान हो रहे हैं. किंतु पर्यावरण को लेकर अभी भी सजग नहीं है. पेडों की, जंगलों की कटाई लगातार चल रही है.
* पेड लगाने की महज घोषणा
डॉ. अनिल बंड अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अमरावती में तापमान वृद्धि के लिए यहां के लोगों को ही बडे प्रमाण में जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि, लोग पेड-पौधे लगाने और उनके जतन की केवल बाते करते हैं. हकीकत में जहां-वहां केवल पेडों की कटाई हो रही है. जंगल दिनोंदिन कम हो रहे हैं. जमीन पेडों के अभाव में गर्म होने से तापमान बेतहाशा बढ रहा है. निश्चित ही आने वाले दिनों में और अधिक हॉट विदर्भ हो जाएगा.
* पेड लगाओ और बचाओ
मौसम विज्ञानी प्रा. बंड ने अमरावती तथा पश्चिम विदर्भ के लोगों से आने वाले बारिश के दिनों में भरपूर प्रमाण में पौधे लगाने का आवाहन करते हुए उनके जतन का भी जिम्मा प्रत्येक को लेना चाहिए. तभी तापमान में, गर्मी से राहत मिल सकती है. उन्होंने घरों में कूलर, एसी, लगाने की बजाय पेड-पौधों के संरक्षण का आवाहन किया. प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की अपील की.