विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर एबीवीपी का तीव्र आंदोलन
सीनेट बैठक के दौरान विद्यापीठ प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया

* सीनेट सभा में घुसकर किया हंगामा
* पुलिस को करनी पडी मध्यस्थता
अमरावती/दि.11- विद्यार्थियों की शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से आंदोलन कर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया. कार्यकर्ताओं ने सिनेट बैठक के दौरान विश्वविद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई और सीनेटसभा में प्रवेश कर भारी हंगामा मचाते हुए कुलगुरू डॉ. मिलींद बारहाते के समक्ष अपनी मांगे रखी.
एबीवीपी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. परिषद ने प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्रहितकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग की मांग की है. साथ ही प्रवेश से संबंधित सभी सूचनाएं विद्यार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजने की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया. परिषद ने कई वर्षों से बंद पड़ी छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग भी उठाई. इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस तय करते समय अपनाए जाने वाले मापदंडों में पारदर्शिता लाने तथा फीस निर्धारण से संबंधित नियमों की जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग की गई.
छात्र संगठन ने बताया कि परीक्षा परिणाम और पुनर्मूल्यांकन के नतीजे समय पर घोषित नहीं होने से विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पुनर्मूल्यांकन और मूल मूल्यांकन के परिणामों में अंतर पाए जाने पर जिम्मेदार शिक्षकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई. साथ ही कॉलेज स्तर पर होने वाली परीक्षाओं के बजाय सभी परीक्षाएं विश्वविद्यालय स्तर पर ही आयोजित करने की मांग रखी गई. इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत लागू पाठ्यक्रम में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए समिति गठित कर उसमें छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करने तथा वैकल्पिक विषयों के लिए प्राध्यापकों की तत्काल नियुक्ति करने की मांग की गई.
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया. संगठन ने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सड़कों की मरम्मत करने, कैंटीन में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता सुधारने, परिसर व छात्रावासों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा छात्रों के लिए पीने के पानी और स्वच्छ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की. साथ ही विश्वविद्यालय परिसर के 500 मीटर के दायरे में तंबाकू और धूम्रपान से संबंधित उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई. एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा.
कुलगुरू ने दिया आश्वासन
एबीवीपी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के रोष को देखते हुए सीनेट सभा कुछ समय के लिए स्थगित कर कुलगुरू डॉ. मिलींद बारहाते ने आंदोलनकर्ताओं की पूरी बात सुनकर उन्हें सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया. पश्चात आंदोलनकर्ता शांत हुए. इस अवसर पर पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी देने पर फ्रेजरपुरा पुलिस समेत आरसीपी दल भी वहां पहुंच गया था.
* युकां ने व एनएसयूआई ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं द्बारा सीनेट सभा में घुसने की जानकारी मिलते ही युवक कांग्रेस और एनएसयुआई के पदाधिकारी भी विद्यापीठ परीसर में पहुंच गए. युवक कांग्रेस के पदाधिकारी वैभव देशमुख ने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सभागृह में घुसकर हंगामा किया और उन्हें रोकने की कोशीष करनेवाले सीनेट सदस्यों के साथ धक्कामुक्की की. इस घटना के बाद विद्यापीठ परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्माण हो गई थी. वैभव देशमुख ने सवाल उठाया कि घटना के समय सुरक्षा रक्षक कहां थे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो युवक कांग्रेस भी आंदोलन करेंगी. इस मामले में सीनेट सदस्य कैलाश चव्हाण, युकां नेता वैभव देशमुख ने तिखी प्रतिक्रिया दी.





