गणगौर की भव्य शोभायात्रा 14 को
माहेश्वरी महिला मंडल का लगातार 6 वें वर्ष में आयोजन

* राजस्थान व महाराष्ट्र की संस्कृति का होगा मिलाप
अमरावती/ दि.12 – माहेश्वरी महिला मंडल द्बारा पारंपरिक त्यौहारों, उत्सवों और भारतीय संस्कृति की सीख अगली पीढी तक पहुंचाने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इसी श्रृंखला में विगत 6 वर्षो से गणगौर बिंदोरा उत्सव बडे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस वर्ष भी शनिवार 14 मार्च को शाम 4 बजे धनराज लेन स्थित राधाकृष्ण मंदिर से माहेश्वरी महिला मंडल द्बारा गणगौर का भव्य बिंदोरा निकाला जायेगा.
पहले वर्ष गणगौर नृत्य और गीतों के साथ, दूसरे वर्ष नाटिका और गणगौर गीत, तीसरे वर्ष राजस्थान की पारंपरिक लोककला घूमर नृत्य जो दीपार्चन हॉल में मंडल की सखियों द्बारा प्रस्तुत किया गया था. चौथे वर्ष धरती धोरा री गणगौर राजस्थान की …. थीम पर रथ के साथ शोभायात्रा निकाली थी. जिसमें गणगौर माता के साथ सालासर बालाजी, रूणिचा रा रामदेवजी, नेतलजी तथा राधा-कृष्ण की सुंदर झांकियां शामिल रही. इसके बाद सभी देवी देवताओं की आरती और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुति हुई. पांचवे वर्ष शाम रंग में रंगी गणगौर, हरी भरी हो वसुंधरा हरी भरी गणगौर … थीम के साथ उत्सव मनाया गया. 6 वें वर्ष में इसी परंपरा को आगे बढाते हुए रंग राजस्थान के दर्शन महाराष्ट्र के साथ भव्य गणगौर महोत्सव मनाया जा रहा है. शनिवार 14 मार्च की दोपहर 4 बजे रंगारी गली स्थित राधा- कृष्ण मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकालेगी. शोभायात्रा में रथ, बग्गी और डीजे के साथ भगवान गणेश, ईसर- गौरा, पार्वती, राज्य के कुलदेवता विठ्ठल- रूक्मिणी तथा अमरावती की ग्रामदेवता अंबा माता और एकवीरा माता की आकर्षक झांकियां शामिल रहेगी.
यह शोभायात्रा सक्कर साथ, जवाहर गेट, सरोज चौक और राजकमल चौक होते हुए राजापेठ स्थित दीपार्चन में समाप्त होगी. जहां विधि- विधान से समापन किया जाएगा. इसके बाद मंडल की सदस्याओं द्बारा राजस्थानी तथा महाराष्ट्रीय पारंपरिक परिधान में वारकरी लेझीम, वारकरी और जोगवा जैसे विविध नृत्य- नाट्य प्रस्तुत करेंगे.
शोभायात्रा में सभी महिलाएं और युवतियां पारंपरिक राजस्थानी लाल- पीले परिधान और श्रृंगार के साथ शामिल होगी. यात्रा के दौरान जगह- जगह कुल्फी कोल्ड डिंक, चॉकलेट और सरप्राइज गिफ्ट का वितरण किया जायेगा. बिंदोरे का समापन स्वादिष्ट भोजन के साथ होगा.
यह शोभायात्रा सक्कर साथ, जवाहर गेट, सरोज चौक और राजकमल चौक होते हुए राजापेठ स्थित दीपार्चन में समाप्त होगी. जहां विधि- विधान से समापन किया जायेगा. इसके बाद मंडल की सदस्याओं द्बारा राजस्थानी तथा महाराष्ट्रीयन पारंपरिक परिधान में वारकरी लेझीम, वारकरी और जोगवा जैसे विविध नृत्य- नाट्य प्रस्तुत करेंगे.
शोभायात्रा में सभी महिलाएं और युवतियां पारंपरिक राजस्थानी लाल-पीले परिधान और श्रृंगार के साथ साथ शामिल होगी.यात्रा के दौरान जगह- जगह कुल्फी कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और सरप्राइज गिफ्ट का वितरण किया जाएगा. बिंदोरे का समापन स्वादिष्ट भोजन के साथ होगा. माहेश्वरी महिला मंडल की मार्गदर्शिका प्रभा झंवर, अध्यक्ष वंदना चांडक, सचिव शीतल राठी और कोषाध्यक्ष सपना पनपालिया के नेतृत्व में प्रोजेक्ट डायरेक्टर वर्षा लाहोटी, मोनिका झंवर, स्नेहा भंसाली और रेनु चांडक, पूर्व अध्यक्ष आशा राठी, प्रीति डागा, अर्चना लाहोटी, वर्षा मालू, रजनी राठी, लता लढ्ढा, सरिता मालाणी सहित सभी कार्यकारिणी सदस्याएं आयोजन को सफल बनाने अथक परिश्रम ले रही है.
माहेश्वरी महिला मंडल ने समाज की सभी महिलाओं और युवतियों से अधिक से अधिक संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थिति दर्ज करने का आवाहन किया है.





