अप्पर वर्धा प्रकल्प ने वॉटर टैक्स से की 51.51 करोड की वसूली
सिंचाई और गैर-सिंचाई जल कर वसूली में नंबर वन

अमरावती /दि.2– पश्चिम विदर्भ की सबसे बडी सिंचाई परियोजना उर्ध्व व वर्धा प्रकल्प ने पानी पट्टी (जल कर) वसूलने में अव्वल स्थान हासिल किया है. जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 मेें इस परियोजना का रुपांतरण सिंचाई विभाग में किया गया था. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सिंचाई से 2.164 करोड रुपए वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. बेहतर योजना और लगातार प्रयासों के चलते विभाग ने बकाया लाभार्थियों से लगभग 0.76 करोड रुपए की वसूली की है.
इसके अलावा गैर-सिंचाई उपयोग के लिए पानी लेने वाली सभी एजेंसियों को मार्च 2026 से पहले बकाया जमा करने के निर्देश दिये गये थे. गैर-सिंचाई श्रेणी में 40 करोड रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 50.75 करोड रुपए की रिकॉर्ड वसूली की गई. सिंचाई और गैर-सिंचाई दोनों मिलाकर गुल 51.51 करोड रुपए की रिकॉर्ड वसूली दर्ज की गई है, जो अब तक की सबसे बडी वसूली है. जिले समेत पश्चिम विदर्भ के सबसे बडे डैम अप्पर वर्धा की सिंचाई क्षमता 85,002 हेक्टेअर है. जबकि जलसंग्रहण क्षमता 564.5 दलघमी है. इस परियोजना के माध्यम से अमरावती व वर्धा क्षेत्रों में नहरों द्वारा सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है. अमरावती-बडनेरा महानगर एवं अन्य गांव-शहरों को भी जलापूर्ति इस डैम से की जाती है.
* लक्ष्य से अधिक 122.17 प्रतिशत वसूली
अपने लक्ष्य से अधिक 122.17 प्रतिशत वसूली की गई है. अधीक्षक अभियंता मनीष राजभोज के नेतृत्व में उपविभागीय अभियंता, शाखा अभियंता, नहर निरीक्षक सहित सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों का वसूली में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
– अनिकेत सावंत,
कार्यकारी अभियंता जल संपदा विभाग.





